bhagalpur news. पॉलिटेक्निक शिक्षकों के लिए खुशखबरी, भागलपुर के ट्रिपल आइटी से भी कर सकेंगे एमटेक व पीएचडी

ट्रिपल आइटी से ले सकेंगे एमटेक व पीएचडी डिग्री.
संजीव झा, भागलपुरबिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी व तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के विभिन्न राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में कार्यरत व्याख्याताओं और विभागाध्यक्षों को बड़ी राहत दी है. विभाग ने कुल 30 शिक्षकों को एमटेक और पीएचडी जैसे उच्च शिक्षण पाठ्यक्रमों में नामांकन और शोध जारी रखने के लिए विभागीय अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्रदान कर दी है. इस बाबत विभाग ने भागलपुर, सहरसा, अररिया, बांका, खगड़िया के भी राजकीय पॉलिटेक्निक के प्राचार्यों को पत्र भेजा है.
देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शोध करेंगे शिक्षक
विभागीय आदेश के अनुसार ये शिक्षक आइआइटी खड़गपुर, आइआइटी गुवाहाटी, एनआइटी पटना, एनआइटी जमशेदपुर, ट्रिपल आइटी भागलपुर और बीआइटी पटना जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे. इनमें से अधिकतर शिक्षक अंशकालीन (पार्ट टाइम) मोड में अपनी डिग्री प्राप्त करेंगे, जिससे उनके वर्तमान शिक्षण कार्य पर कम से कम प्रभाव पड़े.कड़ी शर्तों के साथ मिली है अनुमति
अवकाश के दिनों में पढ़ाई : अंशकालीन कोर्स से जुड़े कार्यों का निष्पादन केवल संस्थान के अवकाश वाले दिनों में ही किया जाएगा.
पठन-पाठन पर असर नहीं : शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके शोध कार्य के कारण छात्रों की पढ़ाई या संस्थान की अन्य जिम्मेदारियां प्रभावित न हों.कोई आर्थिक मदद नहीं : इस कोर्स के लिए सरकार किसी भी प्रकार का वित्तीय भार वहन नहीं करेगी.
छुट्टियों पर पाबंदी : कोर्स की अवधि के दौरान विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अन्य अवकाश या शिशु देखभाल अवकाश (महिला शिक्षकों के लिए) मान्य नहीं होंगे.पांच साल की सेवा अनिवार्य, अन्यथा देना होगा 20 लाख का जुर्माना
विभाग ने शिक्षकों के लिए एक अनिवार्य शर्त रखी है कि एमटेक या पीएचडी पूरा करने के बाद उन्हें कम से कम पांच वर्षों तक विज्ञान, प्रावैधिकी व तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार को अपनी सेवाएं देनी होंगी. यदि कोई शिक्षक इस अवधि के बीच में सेवा छोड़ता है, तो उसे 20 लाख रुपये सरकारी कोष में जमा कराने होंगे.लापरवाही पर होगी अनुशासनिक कार्रवाई
संयुक्त निदेशक (प्रशासन) मंजीत कुमार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई शिक्षक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो संबंधित संस्थान के प्राचार्य उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करेंगे. साथ ही, यह भी साफ किया गया है कि रविवार को अवकाश मानकर शनिवार या सोमवार को बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहने वाले शिक्षकों पर सख्त नजर रखी जायेगी.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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