Bhagalpur. थर्मल पावर परियोजना के लिए बनेगा पांच किमी लंबा रेल सह सड़क कॉरिडोर

Updated at :12 May 2026 11:09 AM
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Bhagalpur. थर्मल पावर परियोजना के लिए बनेगा पांच किमी लंबा रेल सह सड़क कॉरिडोर

जिले के पीरपैंती में 2400 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना के लिए प्रस्तावित रेलवे कॉरिडोर सह सड़क गलियारा पांच किलोमीटर लंबा और 120 मीटर चौड़ा होगा.

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भागलपुर से ब्रजेश माधुर्य की रिपोर्ट

Bhagalpur. भागलपुर जिले के पीरपैंती मेंअडानी पावर लिमिटेड की 2400 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना के लिए प्रस्तावित रेलवे कॉरिडोर सह सड़क गलियारा पांच किलोमीटर लंबा और 120 मीटर चौड़ा होगा. रेल केवल कोयले को सीधे पावर स्टेशन तक ले जायेगी, जबकि सड़क समान उद्देश्य के लिए होगी. रेलवे कॉरिडोर सह सड़क गलियारा निर्माण से क्षेत्र में रोजगार और कनेक्टिविटी बढ़ेगी. परियोजना से पावर स्टेशन के संचालन में सुविधा होगी, जिससे जिले में विद्युतीकरण को बढ़ावा मिलेगा और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आयेगा.

वहीं, बड़ी संख्या में श्रमिकों को काम भी मिलेगा. प्रस्तावित सड़क आम लोगों के लिए भी उपयोगी होगी, जिससे क्षेत्र में आवागमन और संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी. भूअर्जन विभाग का मानना है कि भूमि अधिग्रहण से होने वाले नुकसान की तुलना में परियोजना से कई गुना अधिक लाभ मिलेगा.

समतल भूभाग में तैयार होगा रेल सह सड़क कॉरिडेार

प्रस्तावित रेल सह सड़क कॉरिडोर परियोजना क्षेत्र सामान्यत: समतल भू-भाग में स्थित है और इसके मार्ग में कोई पहाड़ी या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र नहीं है.

161 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण, प्रारंभिक अधिसूचना जारी

भूअर्जन विभाग ने इस परियोजना को लेकर प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है. परियोजना के लिए कुल 161.0154 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जायेगी. इसके लिए रकवा चिह्नित कर मानक माप के भूखंडों को अर्जनाधीन सूची में शामिल कर लिया गया है. करीब 288 लोगों की जमीन इस परियोजना के दायरे में लायी गयी है. भूअर्जन विभाग के अनुसारपरियोजना के लिए सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (एसआइए) अध्ययन कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट भी सौंप दी गयी है. इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है.

रोजगार और कनेक्टिविटी बढ़ेगी

भूअर्जन विभाग के अनुसार इस परियोजना से क्षेत्र में परिवहन संपर्क बेहतर होगा और पावर स्टेशन के संचालन में सुविधा मिलेगी. इससे जिले में विद्युतीकरण को बढ़ावा मिलेगा और लोगों के जीवन स्तर में सुधारेगी.

परियोजना निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार मिलेगी. साथ ही प्रस्तावित सड़क आम लोगों के लिए भी उपयोगी होगी, जिससे क्षेत्र में आवागमन और कनेक्टिविटी बेहतर होगी. विभाग का मानना है कि भूमि अधिग्रहण से होने वाले नुकसान की तुलना में परियोजना से लोगों को कई गुना अधिक लाभ मिलेगा.

यहां होगा जमीन अधिग्रहण

खिदपुर : 17.475 एकड़

इमामनगर : 10.2269 एकड़

बसंतपुर : 65.992 एकड़

ककरघट : 7.1960 एकड़

हरिणकोल : 56.4686 एकड़

महेशराम : 1.56 एकड़

चौधरी बसंतपुर : 2.0969 एकड़

सबसे ज्यादा बसंतपुर और सबसे कम महेशपुर मौजा में ली जायेगी जमीन

जमीन अधिग्रहण सबसे ज्यादा बसंतपुर और सबसे कम महेशपुर मौजा में होगा. परियोजना के लिए सूची में बसंतपुर के 100 और महेशपुर के लिए एक लोग की जमीन है.

कहां कितने लोगों की ली जायेगी जमीन

खिदपुर : 46इमामनगर : 16

बसंतपुर : 100

ककरघट : 24

हरिणकोल : 88महेशराम : 1

चौधरी बसंतपुर : 13

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BRAJESH NANDAN MAD

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