सराय एक्सचेंज रहने लगा गड़बड़, उपभाेक्ता परेशान

Updated at : 23 Feb 2020 8:19 AM (IST)
विज्ञापन
सराय एक्सचेंज रहने लगा गड़बड़, उपभाेक्ता परेशान

सराय : एक्सचेंज अब अक्सर गड़बड़ रहने लगा है. एक कर्मचारियों के भरोसे रहने से यह स्थिति बनी है. सुबह में कर्मचारी राउंड लगा लेते हैं, फिर पूरे दिन ताला लटका रहता है. वहीं, यह एक्सचेंज विवादित भी है. दरअसल, जिस मकान में किराये पर चल रहा है, उसके साथ एग्रीमेंट की अवधि पूरी हो […]

विज्ञापन

सराय : एक्सचेंज अब अक्सर गड़बड़ रहने लगा है. एक कर्मचारियों के भरोसे रहने से यह स्थिति बनी है. सुबह में कर्मचारी राउंड लगा लेते हैं, फिर पूरे दिन ताला लटका रहता है. वहीं, यह एक्सचेंज विवादित भी है. दरअसल, जिस मकान में किराये पर चल रहा है, उसके साथ एग्रीमेंट की अवधि पूरी हो गयी है. मकान मालिक की मकान तोड़ कर नये सिरे से बनाने की प्लानिंग है. उन्होंने बीएसएनएल को खाली करने का भी अल्टीमेटम दिया है. हाल के कुछ दिन पहले एक्सचेंज में ताला जड़ दिया गया था.

मैनपावर की कमी से निबटने के लिए बीएसएनएल का टेंडर
अधिकारियों व कर्मचारियों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के बाद मैनपावर की कमी से जूझ रहे बीएसएनएल ने इसकी भरपाई के लिए टेंडर निकाला है. चार कैटोगरी के टेंडर की प्रक्रिया अपनायी जा रही है. सभी कैटोगरी के टेंडर के खुलने की तिथि अगल-अलग है. ट्रांसपोटेशन के लिए 22 फरवरी, आउटसोर्सिंग के लिए 26 फरवरी, स्वच्छता व सफाई के लिए 07 मार्च एवं डाटा इंट्री के लिए 12 मार्च तक टेंडर खुलेगा.
एक्सचेंज शिफ्ट करने की प्लानिंग, विवि से चल रही बात
सराय एक्सचेंज को विश्वविद्यालय में शिफ्ट करने की प्लानिंग बनी है. कुलपति से बात चल रही है. बीएसएनएल को यकीन है कि उन्हें वहां कहीं भी जगह मिल जायेगी और जल्द ही एक्सचेंज काे शिफ्ट कर लिया जायेगा.
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद से कर्मियों की संख्या में कमी आयी है. यह पूरे देश की स्थिति है. सराय एक्सचेंज को जल्द ही शिफ्ट कर दिया जायेगा. विश्वविद्यालय से बात चल रही है.
संजय कुमार कनौजिया, जनसंपर्क पदाधिकारी, भारत संचार निगम लिमिटेड, भागलपुर
समानांतर सेतु में आयी आपत्तियों का हो रहा निबटारा
भागलपुर : 40 एकड़ 36 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण के समानांतर फोर लेन पुल व पहुंच पथ निर्माण के लिए जिला भू-अर्जन शाखा ने रैयतों को नोटिस भेजा था. इस पर रैयतों द्वारा आपत्ति दी जाने लगी है, जिसका निराकरण जिला भू-अर्जन शाखा कर रहा है. आपत्तियों का निराकरण होने के बाद जमीन का आकलन कर एस्टिमेट तैयार किया जायेगा.
उसका एप्रूवल लेने के बाद रैयतों को एक बार फिर नोटिस जारी किया जायेगा, ताकि उन्हें जमीन का मुआवजा देकर जमीन का अधिग्रहण कर लिया जाये. जिला भू-अर्जन विभाग ने पुल निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को 59 करोड़ 12 लाख 33 हजार 718 रुपये के भुगतान के लिए पत्र भेजा था, ताकि रैयतों को भुगतान किया जा सके. इस पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने जिला भू-अर्जन विभाग को 15 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण के लिए उपलब्ध करा दिया है.
40 एकड़ 36 डिसमिल जमीन होगा अधिग्रहित
खरीक अंचल के महादेवपुर मौजा में 40 एकड़ 36 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण होगा. इसमें 24 डिसमिल जमीन बिहार सरकार की है और शेष रैयती. इस्माईलपुर अंचल के परबत्ता मौजा में 59.5 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण होगा. यह जमीन रैयती है. मकूजान मौजा में पड़ने वाली जमीन गंगा नदी में है और यह बिहार सरकार की है. नगर निगम के सर्वे वार्ड नंबर एक में 1.44 एकड़ जमीन पुल के लिए अधिग्रहण किया जायेगा, वह रेलवे की है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन