बिहार में घुसपैठ की कोशिश में जमात-उल-मुजाहिदीन, अलर्ट
Updated at : 21 Nov 2019 2:39 AM (IST)
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भागलपुर : बांग्लादेश का आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बिहार में नेटवर्क तैयार करने का प्रयास कर रहा है. नेटवर्क पर नजर रख लगाम लगाने के लिए खुफिया विभाग ने सूबे के सभी एसएसपी और एसपी को पत्र लिखा है. इसमें सभी जिले में पुलिस को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. अंजान चेहरों को रोककर […]
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भागलपुर : बांग्लादेश का आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बिहार में नेटवर्क तैयार करने का प्रयास कर रहा है. नेटवर्क पर नजर रख लगाम लगाने के लिए खुफिया विभाग ने सूबे के सभी एसएसपी और एसपी को पत्र लिखा है. इसमें सभी जिले में पुलिस को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. अंजान चेहरों को रोककर पूछताछ और उसके पास कोई सामान है, तो उसकी गहन जांच करने को कहा गया है, जिससे संगठन का नेटवर्क बनाने का प्रयास पहले ही ध्वस्त किया जा सके.
पश्चिम बंगाल में दिखी संगठन की हलचल : खुफिया विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि आतंकी संगठन ने शुरुआत पश्चिम बंगाल से की थी. भारत में यह संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन के नाम पर काम कर रहा है. केंद्र पूरा भारत है. शुरुआत बंगाल से करने के बाद संगठन असम, त्रिपुरा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक तक फैल रहा है. इसके स्लीपर सेल कहीं भी घुसपैठ को अंजाम देने में सक्षम है.
धर्म के नाम पर युवाओं को भटका सकता है संगठन : खुफिया विभाग को आशंका है कि संगठन धर्म के नाम पर युवाओं को भटका सकता है. गुपचुप तरीके से सभा कर एक साथ कई युवाओं को आतंक के रास्ते पर लाने का प्रयास कर सकता है. आतंकी संगठन देश में विस्तार चाहता है. इसमें कट्टरपंथी को जल्द से जल्द भर्ती करने का सोच है. क्योंकि ऐसे लोग आसानी से भटक सकते हैं. युवाओं को आतंकी हथियार चलाने एवं बनाने का प्रशिक्षण भी दे रहा है. अपने मकसद को पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है.
भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थापित कर रहे कैंप : संगठन भारत बांग्लादेश सीमा पर आतंकी कैंप स्थापित करने के प्रयास में है. सूचना है कि इसमें संगठन को काफी हद तक सफलता भी मिली है. ऐसे में देश की सीमा को पार कर आतंकी आ सकते हैं. ऐसे में जिले से लगनी वाली सीमाओं पर भी सघन जांच अभियान जरूरी है, जिससे आतंकी को प्रवेश करने से पहले ही हिरासत में ले लिया जाये.
निष्क्रिय संगठन भी हो रहा है धीरे-धीरे सक्रिय : विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कई संगठन जो लंबे समय से निष्क्रिय थे, स्लीपर सेल धीरे-धीरे खत्म हो रहे थे, वे अचानक से सक्रिय हो रहे हैं. इसमें अल-कायदा से जुड़े हरकत-उल और जिहाद अल-इस्लामी बांग्लादेश (हूजी-बी) शामिल है.
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