भागलपुर : बुनकरों को जल्द मिलेगा एक से बढ़ कर एक डिजाइन

Updated at : 01 Jan 2019 9:59 AM (IST)
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भागलपुर : बुनकरों को जल्द मिलेगा एक से बढ़ कर एक डिजाइन

संस्थान में पढ़नेवाले छात्रों को भी मिलेगा डिजाइन बनाने का मौका भागलपुर : रेशम नगरी के बुनकरों को कंप्यूटर पर तैयार किये गये डिजाइन बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान देगा. बुनकरों को अभी भी मार्केट से कंप्यूटर पर तैयार किया हुआ डिजाइन प्राप्त हो जाता है, लेकिन बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान में तैयार डिजाइन […]

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संस्थान में पढ़नेवाले छात्रों को भी मिलेगा डिजाइन बनाने का मौका
भागलपुर : रेशम नगरी के बुनकरों को कंप्यूटर पर तैयार किये गये डिजाइन बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान देगा. बुनकरों को अभी भी मार्केट से कंप्यूटर पर तैयार किया हुआ डिजाइन प्राप्त हो जाता है, लेकिन बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान में तैयार डिजाइन अपेक्षाकृत सस्ता होगा. यह सुविधा नये साल में मिलनी शुरू हो जायेगी. इसके लिए रेशम संस्थान परिसरमें कंप्यूटर एडेड डिजाइन एंड टेस्टिंग लैब का भवन बन कर तैयार हो चुका है.
आठ बिंदु पर विभाग ने मांगा है मंतव्य, फिर शुरू होगा लैब: बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान, नाथनगर के प्राचार्य रमणजी प्रसाद ने बताया कि उद्योग विभाग ने आठ बिंदुओं पर उनसे मंतव्य मांगा है. इसे तैयार किया जा रहा है. विभाग को मंतव्य भेजने के बाद इस पर विचार-विमर्श होगा. इसके बाद लैब शुरू करने के लिए रूपरेखा तय हो जायेगी. उन्होंने बताया कि ऐसी सूचना मिली है कि विभाग ने किसी एजेंसी से संपर्क किया है, जिसे लैब चलाने की जिम्मेदारी जायेगी. उन्होंने बताया कि लैब शुरू होने पर बुनकरों को डिजाइन उपलब्ध कराया जायेगा.
संस्थान के छात्रों को मिलेगी सुविधा
वस्त्रों पर डिजाइन तैयार करने की विधि कंप्यूटर के माध्यम से सीखने की सुविधा रेशम संस्थान के छात्रों को भी मिलेगी. संस्थान की शिक्षक सुनीता मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान में दो वर्षीय वोकेशनल कोर्स इन सिल्क टेक्नोलॉजी के सत्र 2018-20 में हाल ही में एडमिशन हुआ है. सत्र 2017-19 के छात्रों ने परीक्षा फॉर्म भर दिया है.
संस्थान में ये हैं समस्याएं
बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान में सबसे बड़ी दिक्कत शिक्षकों की कमी की है. सिर्फ एक शिक्षक नियमित रूप से पदस्थापित हैं. सूत्रों ने बताया कि पांच तकनीकी शिक्षक की नियुक्ति विभाग ने की है, लेकिन इनकी नियुक्ति नियमित नहीं होने और पढ़ाने की तिथि तय होने से नियमित कक्षाएं नहीं चल पातीं.
रंगाई, छपाई, बुनाई आदि सेक्शन की प्रयोगशालाओं के सहायक का पद खाली है. महज तीन कर्मचारी, एक तकनीशियन, दो नाइट गार्ड व तीन चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के बलबूते संस्थान चल रहा है.
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