हम गुहार लगाते रहे, नहीं हुआ ठीक से इलाज, मर गयी वर्षा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Sep 2018 5:59 AM
विज्ञापन
भागलपुर : नाथनगर के गोविंदपुर निवासी राजेश शर्मा की नौ वर्षीय बेटी वर्षा कुमारी की मौत बुधवार सुबह मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान हो गयी. तीसरी कक्षा की छात्रा वर्षा कुमारी की मौत के बाद उसके पिता ने कहा कि डॉक्टरों और नर्स की लापरवाही के कारण यह मौत हुई. राजेश शर्मा ने इसकी […]
विज्ञापन
भागलपुर : नाथनगर के गोविंदपुर निवासी राजेश शर्मा की नौ वर्षीय बेटी वर्षा कुमारी की मौत बुधवार सुबह मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान हो गयी. तीसरी कक्षा की छात्रा वर्षा कुमारी की मौत के बाद उसके पिता ने कहा कि डॉक्टरों और नर्स की लापरवाही के कारण यह मौत हुई.
राजेश शर्मा ने इसकी लिखित शिकायत बरारी थाना व अस्पताल अधीक्षक डॉ आरसी मंडल से की. शिकायत पत्र में लिखा है कि समय पर दवा नहीं देने से बेटी की बुधवार सुबह तबीयत ज्यादा बिगड़ी. इसके बाद तत्काल उसकी मौत हो गयी. उन्होंने बताया कि 24 सितंबर को वर्षा को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया. बच्ची को बाद में आइसीयू में भर्ती कर दिया गया.
नर्स ने कहा कि हम नौकर नहीं हैं
मृतक वर्षा के पिता ने बताया कि इस लापरवाही जब हमने गुस्सा किया तब नर्स ने कहा कि हम नौकर नहीं हैं. कुछ देर बाद दवा दी गयी. डॉक्टर ने जांच करने के बाद कहा कि कोई दिक्कत नहीं है. बुधवार तड़के 3 बजे एकाएक बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी. जब इसकी जानकारी नर्स को दी गयी तो उसने कहा कि आपके बुलाने से डॉक्टर नहीं आयेगा.
काफी रिक्वेस्ट करने के बाद सोये डॉक्टर को उठाकर बच्ची की जांच करायी गयी. डॉक्टर ने चिट्ठा देख कर कहा कि इसमें एक सूई का नाम लिखा है, परेशानी होने पर इसे दिया जायेगा. इस पर नर्स ने कहा कि मायागंज अस्पताल में इसी तरह इलाज होता है. उस समय सुई दी गयी, लेकिन एक घंटे के बाद बच्ची की मौत हो गयी. मंगलवार को सीरप नहीं देने वाली नर्स जब बुधवार को ड्यूटी पर आयी तो उसने दिवंगत बच्ची के पिता के सामने कबूल किया कि उसने दवा नहीं दी थी.
अब तक किसी टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आयी है
आइसीयू में तैनात नर्स और डॉक्टर ने इलाज में खूब लापरवाही बरती. आइसीयू में भर्ती के बाद बच्ची के कई टेस्ट की बात डॉक्टरों ने की. कुछ टेस्ट अस्पताल में हुए कुछ बाहर कराये गये. अब तक किसी टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आयी है. डॉक्टरों ने पुर्जे पर कई दवा के नाम भी लिखे. 25 सितंबर को दोपहर 2 बजे एक सीरप देना था. लेकिन नर्स ने यह दवा नहीं दी. दूसरी नर्स ने 4.30 बजे वर्षा को सिर्फ स्लाइन चढ़ाया. दूसरी सिस्टर ने शाम 7.30 बजे पूछा कि क्या मरीज को दवा दी गयी. जब बताया गया कि यह दवा नहीं दी गयी है दूसरी नर्स ने कहा कि सिरिंज से खुद दवा दे देते.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










