भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज उपद्रव मामले में प्राचार्य कार्यमुक्त

Updated at : 28 Aug 2018 7:53 AM (IST)
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भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज उपद्रव मामले में प्राचार्य कार्यमुक्त

भागलपुर : भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में लगातार हुए हंगामे और एक छात्र के फांसी लगा कर आत्महत्या के प्रयास मामले की जांच को लेकर सोमवार को साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की कमेटी भागलपुर पहुंची. दूसरी ओर विभाग ने इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ निर्मल कुमार को जांच पूरी होने तक के लिए पद से हटा […]

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भागलपुर : भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में लगातार हुए हंगामे और एक छात्र के फांसी लगा कर आत्महत्या के प्रयास मामले की जांच को लेकर सोमवार को साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की कमेटी भागलपुर पहुंची. दूसरी ओर विभाग ने इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ निर्मल कुमार को जांच पूरी होने तक के लिए पद से हटा दिया है.
डॉ निर्मल कुमार जांच के दौरान पटना मुख्यालय में रहेंगे. इस दौरान प्राचार्य का प्रभार कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ फकरुद्दीन अंसारी को सौंपा गया है. मामले की जांच के लिए साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने आठ सदस्यीय टीम भागलपुर भेजा है. जांच की समयसीमा 20 दिन तय की गयी है. जांच टीम के अध्यक्ष विभाग के निदेशक अतुल सिन्हा बनाये गये हैं.
निदेशक अतुल सिन्हा ने प्राचार्य डॉ निर्मल कुमार को जांच के दौरान प्राचार्य पद से हटा कर पटना मुख्यालय शिफ्ट किये जाने की पुष्टि की. जांच टीम में निदेशक के अलावा विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के उप सचि मिर्जा आरिफ रजा, एमआइटी मुजफ्फरपुर के प्राचार्य डाॅ जगदानंद झा, भागलपुर के सदर एसडीओ आशीष नारायण, सिटी डीएसपी राजवंश सिंह, इंजीनियरिंग कॉलेज बख्तियारपुर के प्राचार्य डाॅ कुमार सुरेंद्र, टेक्विप परियोजना के शैक्षणिक सलाहकार डाॅ बुशरा व राजकीय पॉलिटेक्निक फुलवारीशरीफ की प्राचार्या डॉ कुमारी अनीमा शामिल हैं.
जांच टीम दोपहर बाद भागलपुर सर्किट हाउस पहुंची और इसके बाद कॉलेज पहुंच कर बैठक की. उन्होंने बताया कि मामले के तमाम पहलुओं की जांच की जायेगी. हर पक्ष से पूछताछ की जायेगी. अभी यह टीम भागलपुर में ही रहेगी.
आठ सदस्यीय टीम करेगी छात्र के आत्महत्या के प्रयास की जांच
प्रशासन ने उठाया मेडिकल का खर्च, क्षितिज के पास भेजा कर्मचारी, कॉलेज का कार्यालय खुला
बंद रहे हॉस्टल व क्लास रूम, पुलिस लगातार कर रही कैंप, फिलहाल शांति बरकरार
लोगों की सुविधा के लिए खुले केंद्र खुद हो गये बेहाल, नहीं मिल पाती सहायता
सरकार ने जनता की जरूरत पूरी करने के लिए जिले में कई केंद्र खोला है. इन केंद्रों का उद्देश्य है कि जिले की जनता को आसानी से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. लेकिन स्थिति यह है कि एक मोहल्ले को भी पूरी तरह सुविधाओं का लाभ केंद्र नहीं पहुंचा पा रहा है. इसकी वजह और केंद्रों का वर्तमान हाल जानने की कोशिश प्रभात खबर के पांच रिपोर्टरों ने की. इसके लिए पांच अलग-अलग तरह की सुविधा देने वाले पांच केंद्रों की पड़ताल की गयी. कहीं सुविधा मिल ही नहीं रही, तो कहीं कुछ लाभुकों तक लाभ पहुंचा पा रहा है.
तीन साल से चल रही ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स की तैयारी फेल
नगर निगम में 2014-15 में ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स लेने की प्रक्रिया शुरू हुई थी. तीन साल पहले इसके लिए सभी वार्डों के होल्डिंग का सर्वे कराने के लिए हैदरबाद की कंपनी का चयन हुआ. हैदराबाद की कंपनी आरएसआइ ने सभी 51 वार्डों के विभिन्न मोहल्ले में घर-घर जाकर होल्डिंग की मापी की और एक-एक होल्डिंग की सूची तैयार हुई. 2018 में सर्वे का पूरा काम नगर निगम के हवाले कर दिया गया. अब नगर निगम की ओर से वेरिफिकेशन किया जा रहा है कि कहीं गड़बड़ी तो नहीं हो गयी है या कहीं कोई होल्डिंग छूट तो नहीं रहा है, ताकि सभी होल्डिंग का डाटा नगर निगम के पास रहे. इसी आधार पर ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स लिया जा सकेगा.
तीन माह में पूरी होगी होल्डिंग एसेसमेंट की जांच
नगर निगम होल्डिंग शाखा की ओर से तीन माह में होल्डिंग एसेसमेंट की जांच पूरी हो जायेगी. इसके बाद ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स की सुविधा मिलने लगेगी. शहर में अभी 75308 होल्डिंग है. इस आधार पर सभी का टैक्स कलेक्शन किया जायेगा.
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