जैन मंदिर नाला निर्माण को हाइकोर्ट के आदेश का है इंतजार, तीन साल में छह टेंडर पर वो भी बेकार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Jul 2018 4:40 AM

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भागलपुर : विश्व प्रसिद्ध जैन मंदिर के पहुंच पथ का नाला और पीसीसी सड़क के निर्माण का फाइनेंसियल बिड का टेंडर पटना के विकास कुमार के नाम से खुला है, लेकिन इसे नगर विकास विभाग ने अभी सुरक्षित रखा है. हाइकोर्ट का आदेश जब आयेगा, तभी फाइनेंसियल बिड के फाइल को मंजूरी देगी और कांट्रैक्टर […]

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भागलपुर : विश्व प्रसिद्ध जैन मंदिर के पहुंच पथ का नाला और पीसीसी सड़क के निर्माण का फाइनेंसियल बिड का टेंडर पटना के विकास कुमार के नाम से खुला है, लेकिन इसे नगर विकास विभाग ने अभी सुरक्षित रखा है. हाइकोर्ट का आदेश जब आयेगा, तभी फाइनेंसियल बिड के फाइल को मंजूरी देगी और कांट्रैक्टर के नाम से वर्क ऑर्डर जारी होगा.
इसके बाद ही नाला और पीसीसी निर्माण का कार्य शुरू होगा. यह छठा टेंडर है. सब कुछ ठीक ठाक रहा, तो 16 जुलाई के बाद निर्माण शुरू होने की उम्मीद की जा सकती है. जैन मंदिर के पहुंच पथ का नाला और पीसीसी सड़क के निर्माण पर लगभग 2.37 करोड़ खर्च होंगे.
आखिर क्यों टेंडर फाइनल के बाद भी रखा सुरक्षित: योजना शाखा प्रभारी के अनुसार टेंडर राशि से 10 प्रतिशत कम पर तिलकामांझी के अजय चौधरी के नाम से पांचवां टेंडर का फाइनेंसियल बिड खुला था. प्रतिद्वंदी अररिया के कांट्रैक्टर राजनंदन यादव का पांच प्रतिशत कम दर रहा. टेंडर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में अजय चौधरी का कागजात फर्जी निकला. प्रतिद्वंदी कांट्रैक्टर राजनंदन को पूरी उम्मीद थी कि जैन मंदिर के पहुंच पथ का नाला और पीसीसी सड़क के निर्माण का टेंडर उन्हें मिलेगा.
नगर विकास विभाग ने टेंडर रद्द कर दिया, इससे नाराज प्रतिद्वंदी कांट्रैक्टर राजनंदन ने आपत्ति जतायी और हाइकोर्ट की शरण में चले गये. अब नगर विकास विभाग इस संशय में है कि हाइकोर्ट का आदेश अगर राजनंदन के पक्ष में आ गया, तो विकास नाम से फाइनल टेंडर स्वीकृत करने पर मामला फंस जायेगा. इससे हाइकोर्ट के आदेश का इंतजार है. अगर राजनंदन के पक्ष में आदेश आया, तो उन्हें स्वीकृति दी जायेगी. अन्यथा पटना के विकास को स्वीकृति देकर वर्क ऑर्डर जारी किया जायेगा.
इधर, श्रद्धालु बचे मुनियों से कर रहे चतुर्मास करने का अनुरोध
भागलपुर. दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र के चाराें तरफ की दुर्दशा देख कर वापस लौट चुके पूज्य आचार्य विपुल सागर जी महाराज, पूज्य आचार्य श्री भद्रबाहु जी महाराज व पूज्य मुनिराज श्री भरतेश सागर महाराज के बाद मुनिराज विप्रण सागर, आर्यिका गरिमा व आर्यिका गंभीर माता से श्रद्धालुओं को चतुर्मास की उम्मीद बची है. चतुर्मास के लिए बाहर से आये श्रद्धालु मुनिराज व आर्यिका माता से यहां ठहरने का अनुरोध कर रहे हैं.
मंदिर के दोनों प्रवेश द्वार पर भरा लबालब गंदा पानी: कबीरपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र की स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती ही जा रही है. चतुर्मास को लेकर आ रहे श्रद्धालुओं को नाले में घुस कर ही मंदिर प्रवेश करना पड़ रहा है. मंदिर परिसर में 15 फीट तक नाले का पानी घुस चुका है. परिसर के उत्तरी तरफ पद्म प्रभु जिनालय के प्रवेश द्वार पर पानी घुस चुका है. मंदिर के दोनों प्रवेश द्वार पर पानी भरा है. सिद्धक्षेत्र के सामने जाने में श्रद्धालुओं को दिक्कत हो रही.
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