भागलपुर में मरीन ड्राइव निर्माण का पहला बेस कैंप लेने लगा आकार, यहीं से होगा पूरे प्रोजेक्ट का संचालन

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भागलपुर में मरीन ड्राइव निर्माण का पहला बेस कैंप लेने लगा आकार, यहीं से होगा पूरे प्रोजेक्ट का संचालन

मरीन ड्राइव निर्माण के लिए तैयार हो रहा बेस कैंप. | Prabhat Khabar Network

Bhagalpur-Munger Marine Drive : भागलपुर-मुंगेर मरीन ड्राइव परियोजना ने एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया है. चयनित निर्माण एजेंसी ने गंगा किनारे शंकरपुर दियारा में अपना अत्याधुनिक निर्माण प्लांट विकसित करना शुरू कर दिया है. इस प्लांट से परियोजना के लिए आवश्यक सामग्री तैयार की जाएगी और बाढ़ के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी.

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Bhagalpur-Munger Marine Drive : भागलपुर-मुंगेर मरीन ड्राइव परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है. चयनित निर्माण एजेंसी ने गंगा किनारे शंकरपुर दियारा में 8 से 10 एकड़ भूमि पर अपना निर्माण प्लांट विकसित करना शुरू कर दिया है. इसी प्लांट से परियोजना में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री तैयार होगी और बाढ़ के बाद निर्माण कार्य पूरी रफ्तार से आगे बढ़ेगा.

गंगा किनारे बन रहा है अत्याधुनिक निर्माण प्लांट

शंकरपुर दियारा में निर्माण एजेंसी ने भूमि समतलीकरण का काम शुरू कर दिया है. करीब 8 से 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस प्लांट में मरीन ड्राइव निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री तैयार की जाएगी. साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों के रहने के लिए आवासीय ब्लॉक भी बनाए जा रहे हैं. फिलहाल परियोजना शुरुआती चरण में है, लेकिन इसे आधुनिक मशीनों और सुविधाओं से लैस किया जाएगा.

जेसीबी से चल रहा समतलीकरण, तैयार हो रहे शेड

निर्माण स्थल पर जेसीबी मशीनों से जमीन समतल करने का कार्य लगातार जारी है. प्लांट परिसर की घेराबंदी पूरी की जा चुकी है और कई अस्थायी शेड भी तैयार हो गए हैं. आने वाले दिनों में यहां हाईमास्ट लाइट, आधुनिक निर्माण मशीनें और अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किए जाएंगे, जिससे परियोजना की रफ्तार और बढ़ेगी.

बाढ़ को लेकर एजेंसी की विशेष तैयारी

गंगा किनारे प्लांट होने के कारण बाढ़ की आशंका को ध्यान में रखते हुए एजेंसी ने पहले से रणनीति तैयार कर ली है. स्टोर इंचार्ज धर्मेंद्र कुमार के अनुसार यदि बाढ़ का पानी प्लांट तक पहुंचता है तो मशीनें और जरूरी सामग्री सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दी जाएंगी. पानी उतरने के बाद दोबारा प्लांट सक्रिय कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

बाढ़ के बाद निर्माण कार्य होगा तेज

एजेंसी का कहना है कि फिलहाल सभी तैयारियां की जा रही हैं. मानसून समाप्त होने के बाद प्लांट पूरी क्षमता से काम करेगा और मरीन ड्राइव निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी. परियोजना पूरी होने के बाद भागलपुर और मुंगेर के बीच आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा.

करीब 10 हजार करोड़ की मेगा परियोजना

यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 9,998 करोड़ रुपये की लागत से दो चरणों में 48 महीने के भीतर पूरी की जाएगी. निर्माण कार्य दिलीप बिल्डिकॉन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा.

फेज-1 : मुंगेर के हेरू दियारा से अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज तक लगभग 42 किलोमीटर लंबा गंगा पथ बनाया जाएगा, जिस पर 5,119 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

फेज-2 : सुल्तानगंज से भागलपुर होते हुए सबौर तक 48.08 किलोमीटर लंबा मार्ग विकसित किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 4,849 करोड़ रुपये है.

इन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी मरीन ड्राइव

बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) की योजना के अनुसार मरीन ड्राइव मुंगेर के सफियाबाद से शुरू होकर बरियारपुर, घोरघाट, सुल्तानगंज, भागलपुर होते हुए सबौर तक जाएगी. यह परियोजना गंगा किनारे आधुनिक सड़क संपर्क विकसित कर क्षेत्र के विकास और पर्यटन को नई दिशा देगी.

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ब्रजेश नंदन माधुर्य

लेखक के बारे में

By ब्रजेश नंदन माधुर्य

ब्रजेश नंदन माधुर्य प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. स्वच्छता व ई-कॉमर्स में रुचि रखते हैं.

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