भागलपुर व बांका के नदियों की होगी बंदोबस्ती, 15 अक्तूबर को लगेगी बोली, ऊंची बोली लगाने वाले का होगा चयन

Updated at : 16 Sep 2022 5:42 AM (IST)
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भागलपुर व बांका के नदियों की होगी बंदोबस्ती, 15 अक्तूबर को लगेगी बोली, ऊंची बोली लगाने वाले का होगा चयन

भागलपुर में नदियों की कई सालों से बंदोबस्ती नहीं हुई है. बरसात के बाद बालू का खनन शुरू होगा. भागलपुर में चार नदियों की 09 घाट एवं बांका में 06 नदियों की 17 घाटों के लिए बोली लगेगी.

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भागलपुर. भागलपुर व बांका जिले की नदियों की नये सिरे से बंदोबस्ती होगी. बंदोबस्ती पांच साल के लिए होगी. दरअसल, भागलपुर की नदियों की बंदोबस्ती लगभग साल से नहीं हुई थी, जिससे जिले में बालू संकट गहरा गया था. वहीं, बांका जिले की नदियों की बंदोबस्ती का समय पूरा होने जा रहा है. इस कारण दोनों जिलों की नदियों की बंदोबस्ती एक साथ नये सिरे से करायी जायेगी. नदियों की बंदोबस्ती कराने की मंजूरी मिल गयी है और खनन विभाग ने तैयारी भी शुरू कर दी है. दोनों जिलों की नदियों की बंदोबस्ती के लिए 15 अक्तूबर को बोली लगेगी. ऊंची बोली लगाने वाले सफल बंदोबस्तधारी का चयन होगा और उन्हें बालू घाट संचालन के लिए वर्क ऑर्डर मिलेगा.

भागलपुर के लिए सुरक्षित जमा राशि 25 करोड़

भागलपुर की नदियों की बंदोबस्ती के लिए सुरक्षित जमा राशि 25 करोड़ और बांका जिले के लिए 165 करोड़ रखी गयी है. यानी, सुरक्षित जमा राशि के बाद से ही बोली लगेगी. सबसे ऊंची बोली पर नदियों की बंदोबस्त फाइनल होगा.

भागलपुर जिला :

  • बंदोबस्त होने वाली नदियां :- चानन, गेरुआ, अंधरी व कोसी

  • बालू घाटों की संख्या : 09

बांका जिला :

  • बंदोबस्त होने वाली नदियां :- चानन, बड़ुआ, ओड़नी, कुरार, चीर, सुखनिया

  • बालू घाटों की संख्या : 17

मुंहमांगी कीमतों में बालू की खरीद नहीं करनी पड़ेगी

भागलपुर जिले की दो बड़ी नदियों की बंदोबस्ती होने से बालू का संकट नहीं रहेगा आैर न ही इसका असर जिले के निर्माण कार्यों पर पड़ेगा. मुंहमांगी कीमतों में बालू की खरीद भी नहीं करनी पड़ेगी. बंदोबस्ती नहीं होने से बालू के रेट पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. जिले में बालू खनन के लिए चार नदियों की बंदोबस्ती होगी. खनन विभाग के अनुसार आठ जनवरी 2020 को गेरूआ नदी का 14 करोड़ 89 लाख 65 हजार और अंधरी नदी की बंदोबस्ती तीन करोड़ पांच लाख रुपये में हुई थी. 194 हेक्टेयर घाट की बंदोबस्ती हुई थी. सुरक्षित राशि जमा करने के बावजूद कार्यादेश को लेकर मामला फंसा हुआ था. नदियों से बालू उठाव होने लगेगा, तो इसका फायदा बालू माफिया नहीं उठा सकेंगे. वर्तमान में अवैध खनन का मामला लगातार प्रकाश में आ रहा है.

बरसात के बाद होगा बालू का खनन

बरसात के बाद भागलपुर जिले की नदियों व बालू घाटों से बालू का खनन होगा. बालू खनन से भागलपुर के लोगों को बांका से बालू नहीं मंगाना पड़ेगा. बालू का रेट भी नियंत्रण में रहेगा. बताया जा रहा है कि निजी और व्यवसायिक भवनों के अलावा सरकारी भवनों और सड़कों के निर्माण में पहले की तुलना में बालू की मांग बढ़ गयी है. शहर में आलीशान अपार्टमेंट बन रहे हैं. नयी काॅलोनियों में भवनों को तैयार किया जा रहा है

’15 अक्तूबर को बोली लगेगी’

वहीं, भागलपुर व बांका के जिला खनिज विकास पदाधिकारी कुमार रंजन ने कहा कि भागलपुर और बांका जिले में नदियों की बंदोबस्ती कराने का कार्यादेश प्राप्त हो गया है. बंदोबस्ती की तैयारी की जा रही है. 15 अक्तूबर को बोली लगेगी. इसमें सफल बंदोबस्तधारी का चयन होगा और बालू घाट का संचालन होने लगेगा.

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