गंडक के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ के मुहाने पर पश्चिम चंपारण के कई ब्लॉक, कटाव रोकने में जुटे ग्रामीण

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बाढ़ के मुहाने पर पश्चिम चंपारण के कई प्रखंड, योगापट्टी के सिसवा मंगलपुर में तेजी से बढ़ रहा बाढ़ का पानी, दहशत में ग्रामीण

कटावरोधी कार्य करते ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड में गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। कटाव तेज होने से कई घर खतरे में हैं, जबकि प्रशासन से नाव की व्यवस्था तक नहीं की गई है।

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Gandak Water Level: पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड की सिसवामंगलपुर पंचायत में गंडक नदी का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है. नदी का पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ने और लगातार हो रहे कटाव के कारण कई घरों पर खतरा मंडराने लगा है. हालात ऐसे हैं कि प्रशासनिक मदद का इंतजार करने के बजाय ग्रामीण खुद ही बालू से भरे बोरे लगाकर कटाव रोकने में जुट गए हैं.

गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से बढ़ा खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. तेज बहाव के कारण पहले कराए गए कटावरोधी कार्य कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और बालू से भरे बोरे भी नदी की धारा में बह गए हैं. इससे नदी तेजी से गांव की ओर कटाव कर रही है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो सिसवामंगलपुर पंचायत के कई घर नदी में समा सकते हैं.

प्रशासन का इंतजार छोड़ खुद जुटे ग्रामीण

मंगलवार को दर्जनों ग्रामीण कटाव स्थल पर पहुंचे और अपने स्तर पर बालू से भरे बोरे लगाकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत शुरू कर दी. ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी भी कीमत पर गांव को कटाव और संभावित बाढ़ से बचाना है.

नाव की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी

ग्रामीण जयराम मुखिया, श्रीकिशन बिंद, पप्पू पांडे और फूलकली देवी समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि बाढ़ जैसी स्थिति बनने के बावजूद अंचल प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था तक नहीं की गई है. इससे लोगों को दैनिक कार्यों और आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से अविलंब मजबूत कटावरोधी कार्य कराने, नाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है. उनका कहना है कि फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर पर गांव बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बिना स्थिति कभी भी भयावह हो सकती है.

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गणेश वर्मा

लेखक के बारे में

By गणेश वर्मा

गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।

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