सिंगापुर में क्यों जुटे भारत समेत 5 देशों के सांसद? डॉ. संजय जायसवाल ने बताया भविष्य का रोडमैप

सिंगापुर में मरीना बैराज, सस्टेनेबल सिंगापुर गैलरी और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े संस्थानों का निरीक्षण करते सांसद डॉ संजय जायसवाल एवं दक्षिण एशियाई देशों के सांसद. | Prabhat Khabar Network
पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल सिंगापुर के अध्ययन दौरे पर हैं. उन्होंने जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा और सतत विकास जैसे अहम मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सांसदों के साथ चर्चा की. इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना है.
Bettiah News: पश्चिम चंपारण के सांसद और दक्षिण एशियाई संसदीय मंच (SARPF) के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल इन दिनों सिंगापुर के अध्ययन दौरे पर हैं. 12 से 17 जुलाई तक चल रहे इस दौरे में वे भारत समेत दक्षिण एशिया के कई देशों के सांसदों के साथ जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और ग्रीन फाइनेंस जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना और भविष्य की पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है.
सिंगापुर सरकार के ग्रीन मॉडल का किया अध्ययन
दौरे के पहले दिन प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के पर्यावरण एवं सतत विकास मंत्रालय में आयोजित बैठक में भाग लिया. यहां सिंगापुर सरकार की ग्रीन प्लान, वर्ष 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचारों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई. इसके बाद सांसदों ने मरीना बैराज और सस्टेनेबल सिंगापुर गैलरी का दौरा कर जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के आधुनिक मॉडल का अध्ययन किया.
स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीकों पर हुई चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (NTU) के एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट में विशेषज्ञों के साथ स्वच्छ ऊर्जा, डी-कार्बोनाइजेशन और अत्याधुनिक ऊर्जा तकनीकों पर विचार-विमर्श किया. वहीं नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) के इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज में आयोजित गोलमेज चर्चा में ऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु नीति और दक्षिण एशियाई सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
दक्षिण एशिया के सांसदों के साथ साझा रणनीति पर जोर
दौरे के दूसरे दिन डॉ. संजय जायसवाल ने दक्षिण एशियाई संसदीय मंच के अध्यक्ष के रूप में भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका के सांसदों के साथ सिंगापुर के प्रधानमंत्री कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. बैठक में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए दक्षिण एशिया के देशों के बीच साझा रणनीति और सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया.
हरित वित्तपोषण और ऊर्जा निवेश पर भी मंथन
प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण (Monetary Authority of Singapore) का भी दौरा किया. यहां विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ हरित वित्तपोषण, पर्यावरणीय निवेश और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई. भारत और सिंगापुर के बीच नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश और साझेदारी के अवसरों पर भी विचार किया गया.
भारत और सिंगापुर के पार्टनरशिप को मिलेगी मजबूती
डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि दक्षिण एशिया में ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला और सतत विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह अध्ययन दौरा भारत और सिंगापुर के बीच ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और ज्ञान साझेदारी को नई मजबूती देगा.
यह भी पढे़ं: गंडक के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ के मुहाने पर पश्चिम चंपारण के कई ब्लॉक, कटाव रोकने में जुटे ग्रामीण
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By गणेश वर्मा
गणेश ने अपनी पत्रकारिता यात्रा की शुरुआत 2014 में गोरखपुर स्थित हिंदुस्तान अखबार से की। तब से लगातार मुख्यधारा मीडिया में सक्रिय रहकर उन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर संपादकीय दायित्वों तक का अनुभव हासिल किया है। फिलहाल वे प्रभात खबर से जुड़े हैं और पश्चिम चम्पारण जिले में बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










