बिहार सरकार ने बहाल किया पुराना आदेश, 15 लाख तक की योजनाएं अब विभागीय स्तर पर होंगी पूरी

प्रतीकात्मक तस्वीर
बिहार सरकार ने नगर निकायों को राहत देते हुए 15 लाख रुपये तक की लागत वाली योजनाओं के विभागीय क्रियान्वयन की व्यवस्था को फिर से लागू कर दिया है. यह निर्णय 25 फरवरी 2026 के पुराने आदेश को निरस्त कर 24 अगस्त 2023 के प्रावधानों को प्रभावी करता है.
Bettiah News: बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों को बड़ी राहत देते हुए 15 लाख रुपये तक की लागत वाली योजनाओं के विभागीय क्रियान्वयन की व्यवस्था दोबारा लागू कर दी है. विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
सरकार का यह फैसला नगर निकायों के सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए लिया गया है.
25 फरवरी 2026 का आदेश हुआ निरस्त
विभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 25 फरवरी 2026 को जारी पत्रांक-2390 को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है.
इसके साथ ही 24 अगस्त 2023 के पत्रांक-4322 में विभागीय कार्यों के लिए किए गए प्रावधानों को फिर से प्रभावी कर दिया गया है.
अब 15 लाख तक की योजनाएं विभागीय स्तर पर होंगी पूरी
नए आदेश के बाद नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत अब 15 लाख रुपये तक की लागत वाली विकास योजनाओं का विभागीय स्तर पर स्वयं क्रियान्वयन कर सकेंगे.
सरकार का मानना है कि इससे छोटी विकास योजनाओं के निष्पादन में तेजी आएगी और प्रक्रियागत बाधाएं कम होंगी.
समय पर पूरे होंगे स्थानीय विकास कार्य
नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, इस निर्णय से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को समय पर पूरा करने में सुविधा मिलेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी नहीं होगी.
विभाग ने इस संबंध में सभी नगर आयुक्तों, कार्यपालक पदाधिकारियों तथा बिहार के सभी नगर निकायों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं.
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लेखक के बारे में
By अवध किशोर तिवारी
अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है
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