वीटीआर में बाढ़ के बीच वन विभाग ने बढ़ायी मानसून पेट्रोलिंग, नाव-मोटरबोट से निगरानी
जंगल के किनारे गंडक नदी में वनकर्मी मोटर बोट से गश्ती करते हुए । | Prabhat Khabar Network
गंडक नदी में आई बाढ़ के कारण वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के कई वन क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। वन विभाग ने वन्यजीवों और वन संपदा की सुरक्षा के लिए मानसून पेट्रोलिंग तेज कर दी है। नाव, मोटरबोट और हाथियों की मदद से दुर्गम इलाकों में भी निगरानी की जा रही है।
Monsoon Patrolling: बारिश के मौसम और नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी समेत विभिन्न पहाड़ी एवं जंगली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. इससे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के कई वन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. वन्यजीवों और वन संपदा की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने मानसून पेट्रोलिंग तेज कर दी है.
गंडक नदी के उफान का पानी जंगल के अंदर फैलने के कारण नदी से सटे वन क्षेत्रों में वनकर्मी नाव और मोटरबोट के सहारे निगरानी कर रहे हैं. वहीं दुर्गम और दलदली क्षेत्रों में पैदल गश्ती के साथ अन्य संसाधनों की मदद ली जा रही है.
मदनपुर वन क्षेत्र में विशेष निगरानी
मदनपुर वनक्षेत्र में गंडक नदी के अलावा रोहुआ और भपसा नदी के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है. नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से मदनपुर वन क्षेत्र के कई हिस्सों में पानी फैल गया है.
वन विभाग को आशंका है कि बाढ़ और जलजमाव का फायदा उठाकर लकड़ी तस्कर जंगल में प्रवेश कर सकते हैं. इसे देखते हुए संवेदनशील वन कक्षों में गश्ती बढ़ा दी गयी है.
मदनपुर वनक्षेत्र पदाधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि बारिश के दौरान हर साल गंडक नदी का पानी जंगल में फैलता है. विशेष रूप से एम-1, एम-2, एम-3 और एम-7 वन कक्ष के बड़े हिस्से में जलजमाव हो जाता है. कई स्थानों पर पैदल गश्ती मुश्किल हो जाती है. ऐसी स्थिति में नाव और मोटरबोट के जरिए निगरानी की जा रही है.
हाथियों की मदद से अंदरूनी जंगल में गश्ती
मानसून पेट्रोलिंग के लिए वनकर्मियों को अलग-अलग टीमों में लगाया गया है. नदी और जलजमाव वाले क्षेत्रों में नाव व मोटरबोट से निगरानी हो रही है, जबकि अंदरूनी और दुर्गम जंगलों में हाथियों की मदद से गश्ती की जा रही है. रात के समय मुख्य सड़कों और संवेदनशील मार्गों पर वाहनों से भी निगरानी की जा रही है.
वन विभाग के अनुसार, बारिश के दौरान जंगल के कई हिस्सों में पानी भरने के कारण वन्यजीव सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर चले जाते हैं. ऐसे समय में शिकारी उनकी गतिविधियों पर नजर रखकर शिकार का प्रयास कर सकते हैं. मानसून के दौरान वीटीआर में पर्यटकों का प्रवेश भी बंद रहता है और दलदली जमीन के कारण सामान्य गश्ती प्रभावित होती है. ऐसे में वन विभाग ने शिकारियों और तस्करों पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाया है.
जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है. ग्रामीणों से शिकारियों और लकड़ी तस्करों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की गयी है.
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मानसून के दौरान नदी, जंगल, रेलखंड और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग जारी रहेगी. बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद भी कुछ महीनों तक यह अभियान चलाया जाएगा.
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