बगहा/हरनाटांड़. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से भटक कर आए एक तेंदुए ने बगहा अनुमंडल अंतर्गत पिपरासी प्रखंड के गंडक दियारा के रिहायशी इलाकों में बीते 10 दिनों से यह लुका छिपी का खेल-खेल रहा.स्थानीय लोगों द्वारा कई बार इन क्षेत्रों में तेंदुए को देखा गया है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल है. बताया जा रहा है कि पिपरासी थाना क्षेत्र अंतर्गत बउक बैठा गांव के घोठा के समीप तेंदुए ने डेरा जमा रखा है. ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ रात्रि के समय पशुओं के बथान पर पहुंचकर उत्पात मचा रहा है. घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है.लोग अपने खेतों में जाने से बच रहे हैं, और अपने बच्चों को घरों के बाहर खेलने से भी रोक रहे हैं. तेंदुए के बार-बार दिखाई देने की वजह से रात के समय दियरा के सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है तेंदुए के डर से स्थानीय लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. खेती-किसानी और दैनिक कामकाज बाधित हो रहे हैं. महिलाएं और बच्चे विशेष रूप से डरे हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के पकड़े जाने तक उन्हें चैन नहीं मिलेगा ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द ही समस्या के समाधान करने की मांग की है.वहीं वन विभाग की टीम लगातार इलाके का दौरा कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही. ग्रामीणों को समूह में रहने और रात के समय बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है. वहीं,वन विभाग की टीम ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. कुछ दिन पूर्व तेंदुआ भैंस के बथान में घुस आया और भैंस पर हमला करने का प्रयास किया ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व तेंदुआ भैंस के बथान में घुस आया और भैंस पर हमला करने का प्रयास किया. इसी दौरान भैंसों के जोर-जोर से बोलने पर ग्रामीणों ने टॉर्च जलाकर शोर-गुल किया, जिसके बाद तेंदुआ वहां से भाग निकला. किसानों का कहना है कि तेंदुआ अब तक दो भैंस के बच्चों को अपना शिकार बना चुका है. इस संबंध में पीड़ित झपसी यादव द्वारा वन क्षेत्र कार्यालय बगहा में लिखित आवेदन भी दिया गया है. बोले बगहा वन प्रक्षेत्र अधिकारी बगहा वन प्रक्षेत्र अधिकारी श्रीमान मालकर ने बताया कि तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है. और इलाके की लगातार निगरानी की जा रही है. ड्रोन कैमरों, फुटमार्क और गश्ती दलों की मदद से तेंदुए की लोकेशन का ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. कई बार ऐसा हो रहा है कि तेंदुए दो दिन तक छुप जा रहा है और टीम को कोई पदचिन्ह नहीं मिल रही है.लेकिन विभाग की टीम लगातार तेंदुए की निगरानी में जुटीं हैं.वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संयम बनाए रखें. इस संबंध में वीटीआर के वनसंरक्षक सह निदेशक डॉ. नेशामनी ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए वन कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
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