एमजेके कॉलेज के संस्कृत विभाग में सत्रारंभ कार्यक्रम, नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ स्वागत

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संगोष्ठी को संबोधित करते प्राचार्य प्रो नवल किशोर बैठा व अन्य

महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय के संस्कृत विभाग ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए सत्रारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया. प्राचार्य ने व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व पर विशेष जोर दिया, जबकि विभागाध्यक्ष ने संस्कृत को भारतीय संस्कृति की आधारशिला बताया.

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Bettiah News: महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय के संस्कृत विभाग की ओर से नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए सत्रारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपरा, अनुशासन और भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों की जानकारी दी गई. इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी.

प्राचार्य ने व्यक्तित्व निर्माण पर दिया जोर

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) नवल किशोर बैठा ने कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने का सशक्त मंच है. उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया. साथ ही भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा दी.

संस्कृत भारतीय संस्कृति की आधारशिला : विभागाध्यक्ष

संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. विभाकर दुबे ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, ज्ञान-विज्ञान, दर्शन, साहित्य और आध्यात्मिक परंपरा की आधारशिला है. उन्होंने कहा कि वेद, उपनिषद, गीता, रामायण और महाभारत जैसे महान ग्रंथों का मूल स्वर संस्कृत में निहित है. संस्कृत का अध्ययन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव की भावना विकसित करता है.

शिक्षकों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने कहा कि भारतीय दर्शन और संस्कृत एक-दूसरे के पूरक हैं तथा संस्कृत का अध्ययन जीवन को सही दृष्टि प्रदान करता है. अंग्रेज़ी विभाग के डॉ. भावेश भार्गव ने कहा कि आज के वैश्विक युग में अंग्रेज़ी और संस्कृत दोनों का संतुलित ज्ञान विद्यार्थियों को आधुनिक अवसरों के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जोड़े रखता है.

शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील

राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. गौतम कुमार ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सलाह दी. वहीं डॉ. किशोरी लाल राम ने कहा कि विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए. ज्ञान के साथ व्यक्तित्व विकास और सामाजिक संवेदनशीलता ही एक सफल विद्यार्थी की पहचान है.

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रवि 'रंक'

लेखक के बारे में

By रवि 'रंक'

90 के दशक में विद्यार्थी जीवन से ही रवि 'रंक' के आलेख, निबंध, संस्मरण और कविताएं क्षेत्रीय पत्र पत्रिकाओं के लिए लिखते रहे हैं. हिंदी विषय में स्नातकोत्तर योग्यताधारी रवि 'रंक' ने दैनिक हिंदुस्तान के पटना से प्रकाशित उत्तर बिहार संस्करण के साथ जनवरी 2001 से अपनी पत्रकारिता शुरु की. फरवरी 2020 में हिंदुस्तान से अलग होकर प्रभात खबर के पश्चिम चंपारण संस्करण में बतौर जिला मुख्यालय संवाददाता के रूप में पदस्थापित हैं.

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