SSB अधिकारी बनकर ठग रहे साइबर अपराधी, SSB ने जारी की चेतावनी

Edited by Sarfaraz Ahmad
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प्रतीकात्मक तस्वीर

Cyber Crime News: पश्चिम चंपारण के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में एसएसबी अधिकारी बनकर साइबर ठग व्यापारियों से फर्जी ऑर्डर और भुगतान के नाम पर ठगी कर रहे हैं. 44वीं वाहिनी एसएसबी ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.

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Cyber Crime News: पश्चिम चंपारण के भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के नाम पर साइबर ठगी का संगठित गिरोह सक्रिय हो गया है. साइबर अपराधी खुद को एसएसबी अधिकारी बताकर व्यापारियों, दुकानदारों और पोल्ट्री फार्म संचालकों से फर्जी ऑर्डर के नाम पर ठगी कर रहे हैं. बढ़ते मामलों को देखते हुए 44वीं वाहिनी एसएसबी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

फर्जी SSB अधिकारी बनकर ऐसे देते हैं ठगी को अंजाम

एसएसबी के अनुसार पचरौता, भिखनाठोरी, जमुनिया, गौनाहा, बलबल और भंगाहा समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में ठग फोन और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर स्वयं को एसएसबी कैंप का अधिकारी बताते हैं. अधिकतर मामलों में वे ‘संजय कुमार’ या ‘संजय सिंह’ नाम का इस्तेमाल करते हैं.

विश्वास जीतने के लिए व्हाट्सएप प्रोफाइल पर भारतीय सेना का फर्जी कैंटीन कार्ड और सैन्य वर्दी वाली तस्वीर लगाते हैं. इसके बाद सीमेंट, बालू, किराना, पोल्ट्री सामग्री समेत अन्य सामान का बड़ा ऑर्डर देकर बिल मंगवाते हैं.

बाद में व्यापारी को फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट या एसएमएस भेजकर दावा किया जाता है कि गलती से अधिक राशि ट्रांसफर हो गई है. अतिरिक्त राशि वापस करने के नाम पर व्यापारी से पैसे ठग लिए जाते हैं.

कई व्यापारी बन चुके हैं शिकार

एसएसबी ने हाल के कई मामलों का उल्लेख किया है. गम्हरिया पेट्रोल पंप संचालक से करीब 12 हजार रुपये, बगहा बाजार के सुरेंद्र किराना स्टोर से करीब 60 हजार रुपये और जमुनिया स्थित राजा एंटरप्राइजेज के संचालक अब्दुल सत्तार से 78,299 रुपये की साइबर ठगी की गई.

इसके अलावा पचरौता-जसौली रोड स्थित पोल्ट्री फार्म संचालक उत्तम कुमार और हार्डवेयर व्यवसायी रूप नारायण गुप्ता को भी इसी तरीके से निशाना बनाने का प्रयास किया गया.

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SSB ने जारी की एडवाइजरी, इन बातों का रखें ध्यान

44वीं वाहिनी एसएसबी ने स्पष्ट किया है कि विभाग किसी भी प्रकार की सरकारी खरीदारी व्हाट्सएप कॉल, निजी मोबाइल नंबर या व्यक्तिगत बैंक खाते के माध्यम से नहीं करता. सभी खरीद निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत होती है.

व्यापारियों और आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के सैन्य अधिकारी होने के दावे पर भरोसा न करें. केवल स्क्रीनशॉट या एसएमएस देखकर भुगतान की पुष्टि न करें, पहले अपने बैंक खाते की जांच अवश्य करें. किसी भी संदिग्ध ऑर्डर की पुष्टि नजदीकी एसएसबी कैंप से करें.

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें यह काम

एसएसबी ने लोगों से कहा है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी थाना में सूचना दें. पुलिस और एसएसबी ने सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों से संदिग्ध कॉल और व्हाट्सएप संदेशों की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है.

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लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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