अतिक्रमण नोटिस के विरोध में बेतिया के दुकानदारों का विरोध, आत्मदाह की चेतावनी

प्रेस वार्ता में छोटा रमना मीना बाजार व्यवसायी संघ के संरक्षक, उपाध्यक्ष व सचिव व मौजूद तख्ती लिए दुकानदार
बेतिया में छोटा रमना और मीना बाजार के दुकानदारों ने जिला प्रशासन द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिस का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने नोटिस को गैरकानूनी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है, अन्यथा आत्मदाह की चेतावनी दी है.
Bettiah News: छोटा रमना और मीना बाजार के दुकानदारों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर जिला प्रशासन की ओर से जारी अतिक्रमण नोटिस का विरोध किया. व्यवसायियों ने नोटिस को पूरी तरह गैरकानूनी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया और जबरन कार्रवाई की गई तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होंगे.
लीजधारी होने का किया दावा
व्यवसायी दुकानदार संघ के संरक्षक पारस लाल विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष धर्मेश कुमार और सचिव रिंकू कनौजिया ने कहा कि उनके पूर्वज महारानी जानकी कुंवर के समय से संबंधित भूमि पर दुकानदारी करते आ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जमींदारी उन्मूलन के बाद बिहार खास महल बंदोबस्ती अधिनियम, 1953 के तहत दुकानों की विधिवत बंदोबस्ती की गई और वर्ष 1961 से नियमित रूप से सरकारी लगान जमा किया जा रहा है. इसलिए उन्हें अतिक्रमणकारी नहीं माना जा सकता.
अतिक्रमण कानून लागू करने पर उठाए सवाल
दुकानदारों ने कहा कि बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 के तहत जारी नोटिस कानून के अनुरूप नहीं है. उनका कहना है कि यदि सरकार को किसी सार्वजनिक परियोजना के लिए भूमि की आवश्यकता है तो खास महल बंदोबस्ती अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि संबंधित भूमि सार्वजनिक भूमि की श्रेणी में नहीं आती.
कार्रवाई हुई तो प्रशासन होगा जिम्मेदार
व्यवसायियों ने कहा कि यदि उनकी पक्की दुकानों को तोड़ा गया या जबरन बेदखल किया गया तो इससे होने वाले आर्थिक और सामाजिक नुकसान की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी. उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बंदोबस्तीधारी दुकानदारों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की. प्रेस वार्ता में करीब 160 दुकानदार मौजूद रहे.
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