ePaper

दो दिन की राहत के बाद फिर लौटी ठंड, ठिठुरन में बीता पूरा दिन

Updated at : 09 Jan 2026 9:00 PM (IST)
विज्ञापन
दो दिन की राहत के बाद फिर लौटी ठंड, ठिठुरन में बीता पूरा दिन

पश्चिम चंपारण जिले में दो दिनों की धूप और अपेक्षाकृत राहत के बाद शुक्रवार को एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ लिया.

विज्ञापन

बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले में दो दिनों की धूप और अपेक्षाकृत राहत के बाद शुक्रवार को एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ लिया. सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिन भर सर्द पछुआ हवाएं चलती रहीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ा.मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के आसपास था. यानी एक दिन में करीब 1 से 1.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई. वहीं सुबह के समय आर्द्रता 82 प्रतिशत तक रही, जो दोपहर बाद घटकर करीब 65 प्रतिशत पर आ गई. अधिक नमी और सर्द हवा के मेल से ठंड का असर और ज्यादा महसूस हुआ. शुक्रवार को दिन भर धूप पूरी तरह नहीं निकली, जिससे जमीन और वातावरण गर्म नहीं हो पाया. पछुआ हवा की गति करीब 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जिसने ठंड को और तीखा बना दिया. सुबह और शाम के समय सड़कों पर लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए और चाय-ठेले, अलाव के आसपास भीड़ बढ़ गई. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर प्रभाव और उत्तरी ठंडी हवाओं के चलते अगले एक-दो दिनों तक रात के तापमान में हल्की और गिरावट संभव है. हालांकि दिन में हल्की धूप निकलने की संभावना जताई गई है, लेकिन सुबह-शाम ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं. ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर ज्यादा देखा गया. खेतों में काम करने वाले किसान सुबह देर से निकल रहे हैं और शाम ढलते ही काम समेट ले रहे हैं. वहीं बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से अधिक परेशानी हो रही है.

बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर असर, रहे सचेत

ठंड बढ़ने से सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार और सांस की समस्या के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और दमा रोगियों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और गरम तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अमिताभ चौधरी ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव से बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में हेल्थ के प्रति सचेत रहने की जरूरत है.

कृषि वैज्ञानिकों ने दी किसानों के लिए सलाह

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि सब्जियों और गेहूं की फसलों में सुबह की ओस और नमी से फंगल रोग का खतरा बढ़ सकता है. जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करें और फसल पर निगरानी रखें. तेज ठंड में सुबह बहुत जल्दी खेत में काम करने से बचें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RANJEET THAKUR

लेखक के बारे में

By RANJEET THAKUR

RANJEET THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन