जिसकी कथनी व करनी में समानता हो, वैसे गुरु का शिष्य बनने की जरूरत : डॉ राजकुमार

मंसूरचक प्रखंड के गणपतौल पंचायत के वार्ड नंबर तीन के छोटी हवासपुर में विश्व वंदनीय सद्गुरु कबीर विचार मंच के तत्वावधान में एक दिवसीय कबीर पंथ संत सम्मेलन का आयोजन किया गया.
बेगूसराय. मंसूरचक प्रखंड के गणपतौल पंचायत के वार्ड नंबर तीन के छोटी हवासपुर में विश्व वंदनीय सद्गुरु कबीर विचार मंच के तत्वावधान में एक दिवसीय कबीर पंथ संत सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता योगेंद्र दास ने किया. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विश्व कबीर रविदास विचार मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राजकुमार आज़ाद ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्होंने कहा कि विश्व में जितने भी देवी, देवता,गुरु, सद्गुरु हुए सभी ने क्रोध नहीं करने का उपदेश दिया लेकिन स्वयं क्रोध किया लेकिन सद्गुरु कबीर साहब बावन तरह का कष्ट भोगने के बाद भी क्रोध नहीं किया. इसलिए मनुष्य को वैसे गुरु, सद्गुरु का शिष्य बनना चाहिए. जिसके कथनी और करनी में समानता हो. मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ पूनम आज़ाद ने अपने भजन गुरु दिहलन अमृत के जड़िया, जड़िया के घोल के सास के पिलायब, अजर अमर हो जइहे गाकर दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया. मुख्य वक्ता रशीदपुर, बेगूसराय के मठाधीश आचार्य महंत भगवान दास, अति विशिष्ट अतिथि साठा, बेगूसराय मठ के मठाधीश महंथ राम लखन दास, विशिष्ट अतिथिगण मदन साहब, राम प्रकाश साहब, युगेश्वर साहब, अधिवक्ता जीवछ साहब, बौवे लाल साहब, गणेशी साहब आदि संतों ने अपने प्रवचन और भजन से अध्यात्मिक माहौल उत्पन्न कर दिया. आयोजक डॉ चंदेश्वरी महतो ने सभी अतिथियों को चादर ओढाकर तथा माला पहनाकर सम्मानित किया .
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