एसडीओ ने आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाये जाने पर सेविका का मानदेय भुगतान रोका

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एसडीओ ने आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाये जाने पर सेविका का मानदेय भुगतान रोका

राज्य सरकार के द्वारा सभी आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के बाद एवं जिला प्रशासन के निर्देश के बावजूद आंगनबाड़ी संचालन में गड़बड़ी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

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तेघड़ा. राज्य सरकार के द्वारा सभी आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के बाद एवं जिला प्रशासन के निर्देश के बावजूद आंगनबाड़ी संचालन में गड़बड़ी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उक्त बातें एसडीओ तेघड़ा राकेश कुमार ने तेघड़ा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन और विधि व्यवस्था का निरीक्षण के दौरान कही. इस दौरान एसडीओ तेघड़ा ने अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत चार विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित पोषण, पूर्व-शिक्षा एवं अन्य सरकारी सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था. निरीक्षण के क्रम में आंगनबाड़ी मिनी केंद्र संख्या–220 बंद पाया गया. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित आंगनबाड़ी सेविका रूपम कुमारी बिना किसी पूर्व सूचना के केंद्र बंद रखे हुए थी. इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी तेघड़ा द्वारा सेविका का मानदेय तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया गया है. इसके साथ ही प्रकरण की जिम्मेदारी तय करने हेतु संबंधित लेडी सुपरवाइजर उपासना कुमारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है. एसडीओ ने निर्देश दिया कि जांच उपरांत आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. वहीं उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र गरीब, वंचित एवं कुपोषित बच्चों के लिए सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना का आधार हैं. ऐसे केंद्रों का बंद पाया जाना अत्यंत गंभीर मामला है, जिसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषण आहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य निगरानी एवं प्रारंभिक शिक्षा जैसी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराना अनिवार्य है. इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है. वहीं उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण, उपस्थिति की सतत निगरानी तथा योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये. साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही पाये जाने पर कठोर कार्रवाई की जायेगी.

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Manish Kumar

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