22 जुलाई को बिहार विधानसभा घेराव में हजारों की संख्या में शामिल होंगे जिले के शिक्षक

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22 जुलाई को बिहार विधानसभा घेराव में हजारों की संख्या में शामिल होंगे जिले के शिक्षक

विभिन्न मांगों को लेकर राज्य भर के नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक एवं विद्यालय अध्यापक लाखों की संख्या में 22 जुलाई को विधानसभा घेराव करने गर्दनीबाग पटना पहुंचेंगे.

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बेगूसराय. विभिन्न मांगों को लेकर राज्य भर के नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक एवं विद्यालय अध्यापक लाखों की संख्या में 22 जुलाई को विधानसभा घेराव करने गर्दनीबाग पटना पहुंचेंगे. जिसमें जिले के शिक्षक भी हजारों की संख्या में भाग ले रहें हैं. पटना जाने की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है. संघ के प्रधान सचिव राम कल्याण पासवान व जिला अध्यक्ष साकेत सुमन ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार की दोहरी नीति से सूबे के लाखों विशिष्ट शिक्षक, नियोजित शिक्षक, विद्यालय अध्यापक त्रस्त हैं, मानसिक रूप से परेशान है. शिक्षकों को अलग अलग नाम देकर खंडित करने की साजिश को शिक्षक समझ गये हैं. उन्होंने ने कहा कि सूबे के लाखों विशिष्ट शिक्षक, नियोजित शिक्षक 18 से 20 वर्षों की सेवा देने के बावजूद भी सेवा निरंतरता के लाभ से वंचित है एवं अर्हता रखने के बावजूद बेसिक ग्रेड के शिक्षक स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति व स्नातक ग्रेड के शिक्षक को प्रधानाध्यापक ग्रेड में प्रोन्नति के लाभ से वंचित है. वहीं सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद विशिष्ट शिक्षकों को सहायक शिक्षक का दर्जा व पूर्ण वेतनमान, सेवा निरंतरता का लाभ नहीं मिला. संघ के जिलाध्यक्ष व प्रधान सचिव ने सरकार से मांग किया कि सभी नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापकों को एकीकृत करते हुए सहायक शिक्षक का नामकरण, 9300-34800 का वेतनमान, राज्यकर्मी जैसी तमाम सुविधाएं एवं सेवा निरंतरता का लाभ और प्रोन्नति व पूरानी पेंशन की सुविधा सुनिश्चित की जाए. नियोजित शिक्षकों को भी ऐच्छिक स्थानांतरण का लाभ, पूर्व की भांति राज्य के सभी सरकारी हिन्दी विद्यालय को शनिवार एवं गुरुवार को उर्दू विद्यालय मध्यांतर तक संचालित किया जाये. शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक, को भी शिक्षकों की भांति वेतन व सुविधा देने, अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा बहाल कर वेतन भुगतान करने, नव नियुक्त प्रधानाध्यापक व प्रधान शिक्षक को पूर्व के एचएम की भांति वेतनमान निर्धारित करने, विद्यालय अध्यापक का एचआरएमएस संशोधित करने,स्थानांतरण एवं पदस्थापन की त्रुटियों को दूर करने, शिक्षकों की सेवा अवधि 65 वर्ष करने समेत अन्य प्रमुख मांगोंं की पूर्ति को लेकर माॅनसून सत्र के दौरान 22 जुलाई को बिहार विधानसभा घेराव किया जा रहा है.

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