ट्रांसफाॅर्मर के नीचे चल रहीं दुकानें, हादसे की आशंका

पटना सिविल कोर्ट परिसर में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट में हुई पांच लोगों की मौत के बाद भी बिजली विभाग आंख मूंदकर लापरवाही बरत रहा है
बीहट. पटना सिविल कोर्ट परिसर में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट में हुई पांच लोगों की मौत के बाद भी बिजली विभाग आंख मूंदकर लापरवाही बरत रहा है.जिला प्रशासन और बिजली विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर अभी तक कहीं सजग नहीं हुआ है,बेगूसराय के बीहट जैसे व्यस्तम बाजार में तो बिल्कुल भी नहीं.घटना के कई माह बाद भी शहर के ट्रांसफार्मर के पास वैसी ही स्थिति है,जैसे पहले थी.अभी तक ट्रांसफार्मर वाली किसी जगह की घेराबंदी शुरू नहीं हुई है और न ही विभाग इसके लिए लोगों के बीच जन जागरूकता फैला रहा है. नतीजतन शहर के सबसे भीड़ वाली जगह पर आज भी ट्रांसफार्मर के नीचे दुकानें सज रही हैं. इतना ही नहीं सड़क और टोला-मोहल्ला में लगे कई ट्रांसफार्मरों की ऊंचाई महज एक हाथ भर है,जो निश्चित रूप से हादसों को आमंत्रण देता दिखता है. जून-जुलाई के महीने में बिजली की खपत सबसे अधिक होती है,ऐसे में ट्रांसफार्मर पर दबाव सबसे अधिक होता है.इस परिस्थिति में सबसे अधिक विस्फोट का खतरा बना रहता है. अगर समय रहते पुराने ट्रांसफार्मर का मेंटनेंस और ट्रांसफार्मर के नीचे की जगह नहीं खाली होती है,तो समस्या बड़ी हो सकती है. पहले जहां ट्रांसफार्मर लगा होता था,उस स्थान पर बिजली विभाग की ओर से वार्निंग बोर्ड लगाए जाते थे.ताकि दूर से ही लोग इसे देखकर समझ जाएं. आसपास कंटीले तारों से घेराबंदी की जाती थी.लेकिन ये सब अब गायब हो गया है.कई जगहों पर शहर के अंदर नंगे तार झूल रहे हैं.जिसकी चपेट में आने से कभी भी किसी व्यक्ति की जान जा सकती है. बीहट बाजार में दुकानों की जो बसावट है वह काफी भयावह है. वहां हर दुकानदार किसी बड़े खतरे की जद में है. चांदनी चौक समेत विभिन्न चौक-चौराहे पर ट्रांसफार्मर के नीचे सजी दुकान रोज हादसे को आमंत्रण दे रहें है.बिजली के ट्रांसफॉर्मर से निकली चिंगारी से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.बिजली के तार टूटने से ट्रांसफॉर्मर से चिंगारी निकलने की घटनाएं अक्सर होती है.ऐसे में ट्रांसफॉर्मर के नीचे दुकान लगाना किसी हादसे को आमंत्रण देने से कम नहीं है.लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जाता.ट्रांसफार्मर के नीचे फल समेत चाय की दुकान सजती है.जिसमें बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. ट्रांसफॉर्मर से यदि हल्की तेल रिसने लग जाय और फिर उसमें आग लग जाय तो स्थिति कितनी भयावह होगी,इसकी कल्पना मात्र से लोग सिहर उठते हैं.वैसे दुकानदारों का कहना है कि हम गरीब लोग है,चाय,फल दुकान से ही हमारे पुरे परिवार का भरण पोषण होता है. बिजली पोल या ट्रांसफार्मर के आस-पास अतिक्रमण करने पर कारावास का प्रावधान है.लेकिन ट्रांसफार्मर के नीचे दुकान सजाए दुकानदारों को न तो अपनी जान की परवाह है और न ही कारावास की.बावजूद इसके दुकानदार अपने साथ-साथ अपने ग्राहकों की जान को भी खतरे में डालते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के विभिन्न इलाकों में ट्रांसफॉर्मर के नीचे जान जोखिम में डालकर कारोबार हो रहा है.इससे एक ओर जहां दुकानदारों पर खतरा है वहीं, दूसरी ओर खरीदारी करने आने वाले कस्टमर्स के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.आलम ये है कि ट्रांसफॉर्मर के पास न घेराबंदी है और न नोटिस बोर्ड ही,जिससे लोग ट्रांसफॉर्मर के करीब ना जा सके. उन्होंने बताया कि पहले ट्रांसफार्मर के पास खतरे का बोर्ड लगा होता था, जिससे की लोगों को दूर से ही पता चल जाता था. वहीं आसपास में कंटीले तार भी लगाए जाते थे, जिससे कि लोग वहां तक न पहुंचे. लेकिन ट्रांसफार्मर के पास ऐसा कोई इंतजाम दिखाई नहीं दे रहा है.ऐसे में कोई हादसा हो जाए तो न जाने कितने लोग चपेट में आ जाएंगे.रही-सही कसर खुलेआम छोटा-बड़ा गैस सिलेंडर लगाकर अंडा-पकौड़ा तलने वाले और दुकान के अंदर अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करनेवालों ने पूरी तरह से बीहट बाजार को दहलाने की तैयारी कर रखी है. इस ओर जिला प्रशासन की नजर ही नहीं जा रही है.
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