उच्च शिक्षा विधेयक-2026 के विरोध में शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी, शांतिपूर्ण प्रदर्शन

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विरोध प्रदर्शन करते कर्मी

Begusarai News : बिहार सरकार के प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक 2026 के विरोध में मटिहानी डिग्री कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों ने काला पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया.

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Begusarai News : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय शिक्षक संघ एवं महाविद्यालय कर्मचारी संघ के संयुक्त आह्वान पर राजकीय डिग्री महाविद्यालय, मटिहानी के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान बिहार सरकार के प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक-2026 को वापस लेने और इस पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई गई.

शिक्षकों ने विधेयक को बताया स्वायत्तता के लिए चुनौती

महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक सह बर्सर डॉ. रवीन्द्र कुमार मुरारी तथा एसबीएसएस महाविद्यालय से प्रतिनियुक्त अर्थशास्त्र के शिक्षक डॉ. अरुणि कुमार ने कहा कि प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक-2026 के विरोध में आंदोलन लगातार तेज हो रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन स्थगित किया जाएगा.

शिक्षकों और कर्मचारियों के हित में नहीं है प्रस्तावित विधेयक

वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के हितों के अनुकूल नहीं है. उनका मानना है कि इससे उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता प्रभावित होगी, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

8 अगस्त तक काली पट्टी बांधकर जारी रहेगा विरोध

शिक्षकों ने बताया कि 8 अगस्त तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. यदि तब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा की स्वायत्तता, शिक्षकों के अधिकारों और विश्वविद्यालय व्यवस्था की गरिमा की रक्षा के लिए किया जा रहा है.

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सुझावों पर विचार कर ही विधेयक को अंतिम रूप देने की मांग

प्रदर्शन के दौरान उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाना चाहिए. उनका कहना था कि सभी पक्षों की सहमति से ही उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है.

कर्मचारी भी रहे मौजूद

विरोध प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय के कर्मचारी सुधीर कुमार चौधरी भी उपस्थित रहे. उन्होंने भी प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार करने और शिक्षकों व कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता पर बल दिया.

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Bipin Kumar Mishra

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