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झमाझम बारिश से झील में तब्दील हुए शहर के कई वार्ड, आवागमन में परेशानी

Updated at : 11 Sep 2025 8:52 PM (IST)
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झमाझम बारिश से झील में तब्दील हुए शहर के कई वार्ड, आवागमन में परेशानी

जिले में दो दिनों से लगातार रुक रुक कर हो रहे झमाझम बारिश से पूरा शहर अस्त-व्यस्त हो गया.

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बेगूसराय. जिले में दो दिनों से लगातार रुक रुक कर हो रहे झमाझम बारिश से पूरा शहर अस्त-व्यस्त हो गया. शहर के विभिन्न मोहल्लों में कहीं जलजमाव से तो कहीं किचकिच से लोग परेशान हैं.राजेंद्र नगर , तिलकनगर,लोहिया नगर का उत्तर पूर्वी भाग,काॅलेजिएट स्कूल रोड,स्टेशन रोड का माली टोला भाग आदि क्षेत्रों में वर्षा के दौरान होने वाले जलजमाव से लोग परेशान रहे.नाला और वर्षा का पानी एक होकर सड़कों पर बहते रहें.लोग इन्हीं गंदगी में प्रवेश कर आवागमन करने को मजबूर थे. जलजमाव की स्थिति में सबसे अधिक वृद्ध ,महिलाओं व बच्चों की फजीहत हो जाती है. शहर में जलजमाव पुरानी समस्या है. नाला का आउटलेट न होना सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है.जलजमाव का कारण शहर में जलनिकासी का आउटलेट नहीं होना है.वहीं दूसरा कारण है शहर में लगातार गढ्ढों में ही बस रहे मोहल्ले,और तीसरा कारण है नाला का तकनीकी तरीके से निर्माण न होना वही चौथा प्रमुख कारणों में जलनिकासी के लिए बड़ा मास्टर प्लान का धारातल पर अब तक न उतर पाना भी एक बड़ा कारण है. गंदे पानी होकर गुजरने वक्त लोग बिहार सरकार नगर विकास एवं आवास विभाग को कोस रहे हैं.उपर से जलनिकासी का एक मास्टर प्लान स्ट्राम वाटर ड्रेनेज योजना की डीपीआर बनाकर नगर विकास एवं आवास विभाग को दो वर्ष पूर्व ही स्वीकृति के लिए भेजी गयी थी.अगर विभाग लोगों के परेशानी के प्रति गंभीर होती और योजना की स्वीकृति मिल गयी होती तो गंवाए गये दो वर्षों में योजना धारातल पर हो सकती थी और लोगों को जलजमाव से हलकान नहीं होना पड़ता. लगातार होने वाले वर्षा के कारण शहर के व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है.लोगों का बाजार निकल रोजमर्रा की तुलना में कम हो गयी है.

बारिश के बाद बढ़ रहा है मच्छरों का प्रकोप

बरसात के मौसम के वजह से शहर में मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ गया है. जलजमाव वाले मोहल्ले में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ा है.जिससे सावधानी बरतने की जरूरत है. शाम होते-होते मच्छरों के हमले से लोग अक्रांत हो रहें हैं.शहर के जलजमाव वाले क्षेत्रों में मच्छरों का उत्पात काफी अधिक है.एक ओर जहां मच्छरों के प्रकोप बढने का कारण लोग जलजमाव को मान रहें हैं.वही बरसात के मौसम में मच्छरों का बढ जाना आम समस्या. इस वर्ष हर वर्ष की तुलना में मच्छरों से परेशानी काफी बढी हुई है.अत्यधिक मच्छर बढ जाने से लोगों के समक्ष मच्छर जनित रोगों के शिकार हो जाने का भी भय सताने लगा है.

मच्छरों के काटने से होती हैं पांच प्रमुख बीमारियां

चिकित्सकों का कहना है कि मच्छर के काटने से पांच तरह की प्रमुख बीमारियां फैलने का डर रहता है.इनमें कुछ बीमारी बरसात में फैलते है तो कुछ बीमारियां गरमी के मौसम में भी हो सकते हैं.मलेरिया मच्छर के काटने से होने वाली सबसे आम और खतरनाक बीमारी है.यह गरमी के मौसम में भी हो सकती है.वहीं पीत ज्वर नामक बीमारी भी मच्छर जनित होते है.जिसे ऐलो बुखार भी कहा जाता है.वही बरसात में डेंगू बुखार का खतरा होता है.इसके साथ ही इंसेफेलाइटिस,चिकनगुनिया नामक बीमारी भी मच्छरों के काटने से ही होते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MANISH KUMAR

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