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सांस्कृतिक एकता, प्रकृति के प्रति सम्मान व सामाजिक समरसता का प्रतीक है मकर संक्रांति : डीएम

Updated at : 14 Jan 2026 10:13 PM (IST)
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सांस्कृतिक एकता, प्रकृति के प्रति सम्मान व सामाजिक समरसता का प्रतीक है मकर संक्रांति : डीएम

सिमरिया धाम में मकर संक्रांति के अवसर पर जिला प्रशासन ने मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन किया.

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बीहट. सिमरिया धाम में मकर संक्रांति के अवसर पर जिला प्रशासन ने मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन किया. इसका शुभारंभ जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री और उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने गुब्बारा और पतंग उड़ाकर महोत्सव की औपचारिक शुरुआत की. इस पतंगबाजी के माध्यम से मकर संक्रांति के पारंपरिक स्वरूप और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया. इस अवसर पर जिला प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.इनमें वरीय उप समाहर्ता ब्रज किशोर चौधरी,वरीय उप समाहर्ता पूजा कुमारी, नगर आयुक्त सोमेश बहादुर माथुर, सदर एसडीओ अनिल कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी पूजा प्रीतम, जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला सूचना व जनसंपर्क पदाधिकारी नेहा कुमारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी सत्येन्द्र कुमार,एसडीसी आमिर अहमद, जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार,बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार,सीओ सूरजकांत,मनरेगा पदाधिकारी,नगर परिषद बीहट की मुख्य पार्षद बबीता कुमारी,कार्यपालक पदाधिकारी अविनाश कुमार,एसडीपीओ-2 पंकज कुमार और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम सहनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी,कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक भी मौजूद थे. महोत्सव का उद्देश्य लोक संस्कृति और पारंपरिक उत्सव को बढ़ावा देना था.इसमें बच्चों,युवाओं और बुजुर्गों ने भाग लिया. जिला प्रशासन ने इस आयोजन को सामाजिक सौहार्द,आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया.इस मौके पर जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व सांस्कृतिक एकता,प्रकृति के प्रति सम्मान और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं.उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से परंपराओं को संजोने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी मेल-जोल बढ़ता है.आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन जनसहभागिता के साथ ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, जिससे स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहन मिल सके. कुल मिलाकर सिमरिया धाम में पहली बार आयोजित मकर संक्रांति महोत्सव उल्लास,परंपरा और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनकर उभरा,जिसने जिले वासियों को एक साथ जोड़ने का कार्य किया.

मकर संक्रांति महोत्सव का पारंपरिक और प्रमुख आकर्षण

जिला प्रशासन द्वारा मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन कला एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से किया गया. इसमें पतंगबाजी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य, चित्रकला और पारंपरिक खेल जैसे रस्साकशी, गिल्ली-डंडा, चित्रकला, रंगोली को शामिल किया गया था. इस मौके पर दिनकर हाई स्कूल की छात्रा रिमझिम, प्रिया, सुजाता, पल्लवी, सोनम, अंशु प्रिया ने आकर्षक रंगोली बनाकर अतिथियों का दिल जीता.वहीं उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय विष्णुपुर चांद की छात्रा वर्षा कुमारी,सोनम,शिवानी,खुशी रानी,खुशी कुमारी,तन्नु कुमारी,गुनगुन कुमारी दीपिका कुमारी ने चित्रकला में भाग लिया. इसके पूर्व मिथिलांचल संगीत महाविद्यालय की छात्रा निशू, वंदना, सुहानी, जिज्ञासा, अनुराधा, आकांक्षा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. वहीं शुभ दिन आयो रे गीत पर दो छोटी बच्चियों मेहल और आरुषि के द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया.सामा चकेबा ग्रुप डांस मे साक्षी,खुशी, प्रिया, सुप्रिया, संस्कृति, रश्मि,आंशिक, सुहाना,रूचि तथा झिझिया ग्रुप डांस में साक्षी, खुशी, सुप्रिया, प्रिया,रश्मि, संस्कृति, आंशिक,सुहाना, रूचि,खुशी ने अतिथियों का दिल जीत लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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