हसनपुर चीनी मिल में किसानों की समस्याओं पर मंथन, GM अशोक मित्तल ने दिया समाधान का भरोसा

Published by : Vikas Jha Updated At : 29 May 2026 3:51 PM

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हसनपुर चीनी मील में जीएम अशोक कुमार मित्तल के समक्ष समस्या रखते किसान

Hasanpur Chini Mill: हसनपुर चीनी मिल प्रबंधक और ईख काश्तकार संघ के बीच किसानों की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जीएम अशोक कुमार मित्तल ने समाधान का भरोसा दिया. बैठक में गन्ना भुगतान, सब्सिडी, रकवा मापी और तौल व्यवस्था में पारदर्शिता सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई और सुधार का आश्वासन दिया गया.

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छौड़ाही (बेगूसराय) से अंजन कुमार आकाश की रिपोर्ट

मगध शुगर एंड एनर्जी मिल, हसनपुर (समस्तीपुर) के कॉन्फ्रेंस हॉल में शुक्रवार को हसनपुर, गढ़पुरा एवं छौड़ाही (बेगूसराय) गेट एरिया के किसानों की समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में बड़ी संख्या में किसानों, ईंख काश्तकार संघ के प्रतिनिधियों तथा मिल प्रबंधन के अधिकारियों ने भाग लिया. किसानों ने वर्षों से लंबित विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए समाधान की मांग की. वहीं मिल प्रबंधन की ओर से जीएम अशोक कुमार मित्तल ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं का चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा और किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.

बैठक का माहौल पूरी तरह किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर केंद्रित रहा. किसानों ने गन्ना बीज भुगतान, खाद-बीज सब्सिडी, बोरिंग सब्सिडी, रकवा मापी, गन्ना तौल, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की मांग प्रमुखता से उठाई. किसानों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसानों के बीच असंतोष बढ़ेगा, हालांकि बैठक में प्रबंधन द्वारा सकारात्मक पहल और आश्वासन के बाद किसानों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा.

गन्ना बीज भुगतान का मामला प्रमुखता से उठा

बैठक के दौरान किसानों ने कहा कि गन्ना बीज के नाम पर किसानों से खेती में गन्ना रोका गया, लेकिन कई किसानों को अब तक भुगतान नहीं मिल पाया है. किसानों ने कहा कि वे लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं और कई बार मिल प्रबंधन को इसकी जानकारी भी दी गई, लेकिन अब तक संतोषजनक पहल नहीं हुई. इस मुद्दे पर जीएम अशोक कुमार मित्तल ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि लंबित भुगतान से जुड़े मामलों की समीक्षा की जाएगी और जिन किसानों का भुगतान बाकी है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की दिशा में कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधन किसानों की मेहनत और उनकी आर्थिक जरूरतों को समझता है तथा किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.

खाद-बीज सब्सिडी में पारदर्शिता लाने का भरोसा

किसानों ने युरिया खाद किल्लत, बीज पर मिलने वाली सब्सिडी में गड़बड़ी का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया. किसानों ने आरोप लगाया कि सब्सिडी का लाभ केवल गिने-चुने किसानों तक सीमित रह जाता है, जबकि अधिकांश वास्तविक किसान वंचित रह जाते हैं. अक्टूबर प्लांट के दौरान सभी किसानों को अनुदान देने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में बहुत कम किसानों को लाभ मिला. इस पर जीएम ने कहा कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि खाद की उपलब्धता को लेकर बड़ी समस्या यह आ रही है कि खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण दिक्कत आ रही है. हमने डीएम से पत्राचार भी किया है, कोशिश है कि जल्दी ही कोई हल निकल सके. व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे ताकि किसानों को समय पर कृषि सामग्री मिल सके.

बोरिंग और सिंचाई सुविधा पर भी हुई चर्चा

बैठक में किसानों ने सिंचाई सुविधा को लेकर भी अपनी समस्याएं रखीं.किसानों ने कहा कि बोरिंग पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी में भी कई स्तर पर गड़बड़ी हो रही है. कई किसानों ने आवेदन और प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद लाभ नहीं मिलने की शिकायत की. किसानों ने बोरिंग के साथ-साथ इलेक्ट्रिक मोटर पर भी सब्सिडी उपलब्ध कराने की मांग उठाई. जीएम अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि किसानों की सिंचाई सुविधा मजबूत करना आवश्यक है और इसके लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर किसानों को अधिकाधिक लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा ताकि उन्हें योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके.

रकवा मापी में सुधार की मांग

बैठक के दौरान गन्ना क्षेत्र की मापी को लेकर किसानों ने गंभीर सवाल उठाए.किसानों ने कहा कि मापी के दौरान लगभग 20 प्रतिशत रकवा कम कर दिया जाता है.जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.किसानों का कहना था कि जहां 22 कट्ठा में एक एकड़ की गणना होनी चाहिए,वहां 27 कट्ठा पर एक एकड़ माना जाता है.इससे किसानों के उत्पादन और आय दोनों पर असर पड़ता है.जीएम ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि मापी प्रक्रिया की समीक्षा कराई जाएगी.यदि कहीं भी त्रुटि या अनियमितता पाई जाती है तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाएगा.उन्होंने कहा कि किसानों के साथ न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करना मिल प्रबंधन की जिम्मेदारी है.

गन्ना तौल व्यवस्था में पारदर्शिता की बात

किसानों ने गन्ना तौल में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया. किसानों ने कहा कि तौल के दौरान कई बार किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है. इस पर जीएम ने भरोसा दिलाया कि तौल व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

मिल कैंपस में ईख काश्तकार संघ कार्यालय की मांग

बैठक में किसानों ने मिल परिसर में ईख काश्तकार संघ के लिए एक कार्यालय कक्ष उपलब्ध कराने की मांग की. किसानों का कहना था कि यदि संघ का कार्यालय मिल परिसर में होगा तो किसानों और प्रबंधन के बीच बेहतर संवाद स्थापित होगा तथा समस्याओं के समाधान में सहूलियत मिलेगी. इस मांग पर जीएम अशोक कुमार मित्तल ने सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि किसानों और मिल प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है और इसके लिए हर संभव पहल की जाएगी.

किसानों को जागरूक रहने का आह्वान

प्रगतिशील किसान पूर्व मुखिया शिवचन्द्र यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान यदि संगठित और जागरूक रहेंगे तो उनकी आवाज अधिक मजबूती से उठेगी. उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सकारात्मक संवाद बनाए रखें और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आगे आएं. किसानों ने भी कहा कि वे समाधान चाहते हैं और मिल प्रबंधन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर आगे बढ़ना चाहते हैं.

बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद

बैठक में प्रगतिशील किसान रामनरेश यादव, राजकुमार आजाद, मो.राजा अली, सिकन्दर यादव, ब्रजेश कुमार यादव, नवीन कुमार सिंह, देवकांत सिंह, रामकुमार रमण, मुरली कुमार मिश्रा, विनोद चौरसिया, राम स्वार्थ चौरसिया समेत बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे. सभी किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासन धरातल पर लागू होते हैं तो किसानों को काफी राहत मिलेगी. बैठक का समापन किसानों की एकजुटता और समस्याओं के समाधान की उम्मीद के साथ हुआ. किसानों ने कहा कि वे सकारात्मक पहल का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में किसानों के हित में ठोस निर्णय लिए जाएंगे.

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