किसान नई तकनीक का प्रयोग कर बढा सकते हैं कृषि उत्पादन : डीएम

Updated at : 29 Jul 2024 10:21 PM (IST)
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किसान नई तकनीक का प्रयोग कर बढा सकते हैं कृषि उत्पादन : डीएम

जिला कृषि कार्यालय बेगूसराय एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आत्मा बेगूसराय के संयुक्त तत्वाधान में 29-30 जुलाई 2024 दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण-सह-किसान मेले का आयोजन स्तुति उत्सव महल रजौड़ा में किया गया.

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बेगूसराय.

जिला कृषि कार्यालय बेगूसराय एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आत्मा बेगूसराय के संयुक्त तत्वाधान में 29-30 जुलाई 2024 दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण-सह-किसान मेले का आयोजन स्तुति उत्सव महल रजौड़ा में किया गया. मेले का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा द्वारा किया गया. जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में मौजूद प्रखंड के किसानों एवं प्रसार पदाधिकारी एवं कर्मियों को जलवायु अनुकुल कृषि कार्यक्रम के साथ समेकित कृषि प्रणाली को अपनाने का अहवान किया, इनके द्वारा किसानों को नई तकनीक का प्रयोग कर उत्पादकता बढ़ाने को कहा ताकि किसानों का आय बढ़े. इनके द्वारा कहा गया कि बेगूसराय जिला के किसान काफी मेहनती हैं एवं यहां की मिट्टी भी काफी उपजाऊ है साथ ही बेगूसराय जिले के किसान नए-नए तकनीक का शीघ्र कृषि में उपयोग कर लेते हैं जिसके कारण बेगूसराय जिला अन्न उत्पादन के साथ-साथ फल सब्जी, मछली एवं पशुपालन के क्षेत्र में काफी आगे है. आज के समय में कृषि यंत्र से खेती करना काफी आसान हो गया है और समय की बचत के साथ-साथ उत्पादकता बढ़ी है. सरकार किसानों के छोटे एवं बड़े यंत्रों पर 80% तक की सहायता दे रही है. सुखाड़ से निपटने के लिए किसानों को डीजल अनुदान के साथ-साथ ग्रामीण भागों में कम खर्च पर बिजली मुहैया करा रही है. अजीत कुमार यादव जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा किसानों के बीच विभागीय योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया गया. उनके द्वारा बताया गया कि सरकार किसानों के आमदनी दुगुनी करने के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है. साथ ही कृषि में कृषि यंत्र के महत्व पर प्रकाश डाला गया एवं किसानों से अनुरोध किया गया कि वे उन्नत कृषि यंत्र का उपयोग कर अपने फसल का उत्पादन एवं उत्पादकता बढाकर अपने आय में वृद्धि करें. खरीफ मौसम में जिले में मक्का का उत्पादन बढाने हेतु कलस्टर में मक्का की खेती करायी जा रही है, इनके अलावे वेबी कॉर्न एवं स्वीट कॉर्न की खेती को बढावा दी जा रही है. खरीफ मौसम में वारिस की कमी को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा लगातार पंचायत स्तर पर समीक्षा की जा रही है. सहायक निदेशक उद्यान अनिल कुमार द्वारा किसानों को उद्यान निदेशालय द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई. विशेषकर बताया गया कि उद्यान विभाग द्वारा मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, नारियल की खेती, आम एवं केला की खेती पर प्रोत्साहित किया जा रहा है एवं अनुदान के रूप में सहायता दी जा रही है. उप परियोजना निदेशक आत्मा अजीत कुमार द्वारा मोटे अनाज का उत्पादन प्रसंस्करण करने का अपील किया गया. इनके द्वारा बताया गया कि मानव जीवन को स्वस्थ्य रहना है तो मोटे अनाज के साथ-साथ इसके प्रसंस्कृत उत्पाद का सेवन करना होगा. मोटे अनाज के उत्पादन में किसानों को लागत काफी कम आती है. रसायनिक उर्वरक का उपयोग के बिना ही इसका बेहतर उत्पादन किया जा सकता है. साथ ही मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है. न्यूटन कुमार, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण बेगूसराय द्वारा किसानों को कृषि यांत्रिकरण कार्यक्रम पर सरकार द्वारा दी जाने वाली यंत्रवार सहायता अनुदान की जानकारी दी गई. मंच का संचालन रत्नेश कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, बेगूसराय ने किया. मौके पर डॉ शालिनी, सहायक निदेशक, रसायन, श्रीराम कृष्ण, सहायक निदेशक शष्य प्रक्षेत्र, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, सभी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सभी सहायक तकनीकी प्रबंधक, सभी कृषि समन्वयक एवं सभी किसान सलाहकार के अलावे जिले के सभी प्रखंडों के किसान उपस्थित थे.

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