बेगूसराय से भी होकर गुजरे पूर्णिया से पटना आनेवाली नई ट्रेन, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से की गई डिमांड

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सलौना स्टेशन की तस्वीर

Begusarai News : पूर्णिया कोर्ट से दानापुर के बीच प्रस्तावित नई रात्रिकालीन एक्सप्रेस ट्रेन (Purnia Danapur Express Train) को बरौनी के बजाय सलौना-हसनपुर-रोसेरा घाट मार्ग से चलाने की मांग हो रही है. यात्री संघ ने इसके लिए केंद्रीय रेल मंत्री और स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को पत्र भेजा है. नीचे पढ़िए पूरी खबर…

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बेगूसराय से विकास मिश्रा की रिपोर्ट
Begusarai News : रेल मंत्रालय द्वारा पूर्णिया कोर्ट से दानापुर के बीच प्रस्तावित नई रात्रिकालीन एक्सप्रेस ट्रेन को बरौनी की जगह सलौना-हसनपुर जंक्शन-रोसेरा घाट मार्ग होकर चलाने की मांग जोर पकड़ने लगी है. विभाग द्वारा इस ट्रेन को शीघ्र शुरू किए जाने की संभावना के बीच बखरी और आसपास के लोग इसे भाया हसनपुर जंक्शन-रोसेरा मार्ग से चलाने की मांग उठा रहे हैं. सलौना रेल यात्री संघ के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि पूर्णिया कोर्ट-दानापुर रात्रिकालीन ट्रेन की घोषणा का पूरे क्षेत्र में स्वागत हो रहा है तथा आम लोगों में हर्ष का माहौल है.

राजधानी पटना के लिए बेहतर सुविधा की मांग

उन्होंने आग्रह किया है कि इस गाड़ी का परिचालन भाया सलौना-हसनपुर जंक्शन और रोसेरा घाट मार्ग से किया जाए. ताकि लंबे समय से उपेक्षित इस रेलखंड के यात्रियों को राजधानी पटना के लिए एक बेहतर सुविधा मिल सके. इस संबंध में यह मांग पत्र क्षेत्रीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को भी प्रेषित किया गया है.

बरौनी मार्ग पर पहले से कई ट्रेनें

पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में इस मार्ग पर पटना के लिए केवल एकमात्र वंदे भारत एक्सप्रेस ही उपलब्ध है, जो दोपहर के समय पटना पहुंचती है. वहीं बरौनी मार्ग होकर रात्रि में पहले से ही कैपिटल एक्सप्रेस, जनहित एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का संचालन हो रहा है. ऐसे में नई रात्रिकालीन ट्रेन को सलौना-हसनपुर-रोसेरा मार्ग से चलाना अधिक जनहितकारी और लाभकारी होगा.

तीन लोकसभा क्षेत्रों की लाखों आबादी को होगा फायदा

राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस ट्रेन के परिचालन से तीन लोकसभा क्षेत्र खगड़िया, बेगूसराय और समस्तीपुर की लाखों की आबादी को सीधा फायदा होगा. वर्तमान में इस क्षेत्र के यात्रियों को पटना आने-जाने के लिए सीमित रेल सुविधा ही उपलब्ध है. नई ट्रेन से इस क्षेत्र के छात्रों, व्यवसायियों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को विशेष सुविधा मिलेगी. वहीं स्थानीय लोगों ने आशा जताई है कि इस उपेक्षित रेलखंड की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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