बेगूसराय के करकौली में एआई आधारित डिजिटल एक्स-रे कैंप का आयोजन, टीबी जांच के लिए उमड़ी लोगों की भीड़

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डिजिटल एक्स-रे कैंप में उमड़ी लोगों की भीड़

Begusarai News: बेगूसराय के करकौली स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत एआई आधारित डिजिटल एक्स-रे शिविर आयोजित किया गया. शिविर में सैकड़ों लोगों की जांच की गई और टीबी के लक्षण, जांच एवं सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया.

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Begusarai News: (विकाश मिश्रा की रिपोर्ट) भारत सरकार के 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत बेगूसराय जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बखरी अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, करकौली में एआई आधारित डिजिटल एक्स-रे शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बड़ी संख्या में छाती का एक्स-रे कराया और ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ अभियान को मजबूती प्रदान की. शिविर में सैकड़ों लोगों की जांच की गई.

टीबी उन्मूलन में समाज की भागीदारी जरूरी

इस अवसर पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर काजल कुमारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जब समाज टीबी मुक्त होगा, तभी देश पूरी तरह टीबी मुक्त बन सकेगा. उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की अपील की.

मरीजों को उपलब्ध कराई गई आवश्यक दवाएं

सीएचओ काजल कुमारी ने बताया कि सामान्य ओपीडी में आने वाले मरीजों को आवश्यक दवाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई गईं. इससे लोगों को इलाज के लिए अतिरिक्त परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.

टीबी के लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

यक्ष्मा पर्यवेक्षक रणधीर कुमार ने लोगों को टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहे, कफ में खून आए, छाती में दर्द हो, शाम के समय बुखार हो या गर्दन के आसपास गांठ अथवा गिल्टी दिखाई दे तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना चाहिए.

सरकारी अस्पतालों में टीबी जांच पूरी तरह निशुल्क

उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की सभी जांचें निशुल्क उपलब्ध हैं. आधुनिक नाट टेस्ट के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि मरीज टीबी से संक्रमित है या नहीं. संक्रमित पाए जाने पर मरीज को अस्पताल द्वारा मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.

निक्षय डीबीटी योजना के तहत मिलती है पोषण सहायता राशि

रणधीर कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से निक्षय डीबीटी योजना के तहत टीबी मरीजों के बैंक खाते में पोषण सहायता राशि भी भेजी जाती है. वहीं मरीजों के परिवार के सदस्यों को संक्रमण से बचाव के लिए टीपीटी दवा भी उपलब्ध कराई जाती है.

शिविर को सफल बनाने में कई लोगों की रही भूमिका

शिविर को सफल बनाने में प्राइवेट पार्टनर के रूप में मिथिलेश कुमार, मुकेश कुमार, गुंजन कुमारी, वर्षा कुमारी, अमन कुमार तथा आशा कार्यकर्ता ललन कुमारी ने सक्रिय भूमिका निभाई. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से टीबी के प्रति जागरूक रहने और समय पर जांच कराकर बीमारी को जड़ से खत्म करने में सहयोग करने की अपील की है.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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