बेगूसराय(नगर) : कित्सकों को अवकाश पर जाने के लिए जिलाधिकारी से आदेश लेने को लेकर बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ जिला शाखा में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है. चिकित्सा संघ जिलाधिकारी के इस आदेश को मानने को तैयार नहीं हैं.
ज्ञात हो कि जिलाधिकारी सीमा त्रिपाठी ने कुछ दिन पूर्व सिविल सजर्न, बेगूसराय को आदेश दिया था कि जिले में कोई भी चिकित्सक अवकाश पर जायेंगे तो उन्हें जिलाधिकारी का आदेश लेना होगा. उनके इस फरमान के बाद सिविल सजर्न के पास चिकित्सकों के अवकाश से संबंधित आवेदन पहुंचने पर उसे यह कह कर लौटा दिया जाने लगा कि इसमें जिलाधिकारी के आदेश मिलने के बाद ही अवकाश स्वीकृत किये जायेंगे.
इस व्यवस्था से चिकित्सकों की परेशानी बढ़ गयी. चिकित्सकों ने इस मामले को अपने राज्य संघ तक ले जाकर इसमें पहल करने की अपील की. इसके मद्देनजर 28 फरवरी को संघ का राज्य प्रतिनिधिमंडल प्रधान सचिव डॉ अजय कुमार के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिल कर इस व्यवस्था में पुनर्विचार करने की मांग की थी. जिलाधिकारी ने संघ के प्रतिनिधियों को आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया था. लेकिन, इसमें किसी प्रकार की तब्दीली नहीं की गयी. इससे चिकित्सकों की परेशानियां यथावत रहीं.
संघ के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया था कि उक्त आदेश को शिथिल रखा जाये. पूर्ववत अवकाश संबंधी मामले में सिविल सजर्न के द्वारा अपनी शक्तियों का उपयोग करना ही नियमानुकूल होगा. संघ के प्रतिनिधियों ने यहां तक कह दिया था कि यह आदेश बिहार सरकार के ज्ञापांक 658(3) का उल्लंघन है.
इस व्यवस्था में बदलाव नहीं होने से परेशान संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ हरेराम कुमार एवं कार्यकारी सचिव डॉ राजू ने एक बार फिर जिलाधिकारी को स्मारपत्र सौंप कर इस व्यवस्था को पूर्ववत रहने देने की ही मांग की है. जिलाधिकारी के नये फरमान से बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के चिकित्सकों में निराशा और आक्रोश देखा जा रहा है. अगर जिला प्रशासन के द्वारा इस आदेश को वापस नहीं लिया गया तो संघ आंदोलन का भी रू ख अख्तियार कर सकता है.
