पंजवारा में बालू माफियाओं ने निगला चीर नदी का तटबंध, कचमचिया पातर टोला पर विस्थापन का संकट गहराया

Edited by AMIT KR SINHA
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नदी में बालू खनन के लिए खड़ा ट्रैक्टर व बालू लेकर जाते बैलगाड़ी.

Sand Mining Crisis: चीर नदी का कटाव अब कचमचिया पातर टोला की दहलीज तक पहुंच गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध बालू खनन ने तटबंध को इतना कमजोर कर दिया है कि अब दर्जनों घरों और खेतों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है.

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पंजवारा बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट

Sand Mining Crisis: पंजवारा थाना क्षेत्र की लौढ़िया खुर्द पंचायत स्थित कचमचिया पातर टोला इन दिनों प्राकृतिक आपदा और प्रशासनिक उदासीनता की दोहरी मार झेल रहा है. चीर नदी का कटाव अब आबादी वाले इलाके के बेहद करीब पहुंच गया है, जिससे दर्जनों परिवारों के सामने विस्थापन का खतरा पैदा हो गया है. तटबंध की जर्जर स्थिति और नदी की बदलती धारा ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है.

अवैध बालू खनन ने कमजोर कर दी तटबंध की सुरक्षा दीवार

चीर नदी का कमजोर तटबंध.

ग्रामीणों का आरोप है कि चीर नदी के किनारे लंबे समय से अवैध बालू खनन किया जा रहा है. उनका कहना है कि एनजीटी की रोक के बावजूद रात के अंधेरे में जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से बालू का उठाव जारी है. लगातार खनन के कारण नदी की धारा अब तटबंध से सटकर बहने लगी है, जिससे कटाव की रफ्तार बढ़ गई है.

वार्ड सदस्य चुन्ना झा समेत ग्रामीण बिपिन पांडे, मनोज कुमार झा, कैलाश झा, नकुल मंडल, कपिल मंडल, अनिल राना और पप्पू झा ने बताया कि बालू ढुलाई को आसान बनाने के लिए तटबंध को काटकर नदी से मुख्य सड़क तक रास्ता बना दिया गया है. इससे तटबंध की संरचना और अधिक कमजोर हो गई है.

बरसात में बढ़ सकता है खतरा, घर और खेत निशाने पर

फिलहाल नदी का पानी तटबंध के किनारे से बह रहा है और कई स्थानों पर कटाव तेजी से हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ा तो स्थिति और भयावह हो सकती है.

दर्जनों घर, खेत-खलिहान और अन्य संपत्तियां कटाव की जद में आने की आशंका है. संभावित खतरे को देखते हुए कई परिवारों ने अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है.

Sand Mining Crisis: वर्षों से उठ रही मांग, लेकिन समाधान अब तक नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से तटबंध की मरम्मत और कटाव निरोधी कार्य की मांग कर रहे हैं. जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो कचमचिया पातर टोला के लोगों को बड़े पैमाने पर विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है.

ग्रामीणों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग

गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से अविलंब अवैध बालू खनन पर रोक लगाने, तटबंध की मरम्मत कराने और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य शुरू करने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने पर गांव को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है.

क्या कहते हैं अधिकारी

फ्लड कंट्रोल बांका डिवीजन के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार ने कहा कि तटबंध में कटाव की जानकारी उन्हें अभी तक नहीं मिली है. यदि कटाव की पुष्टि होती है तो स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, बांका के खनन पदाधिकारी बलवंत कुमार ने कहा कि अवैध खनन की कोई सूचना उन्हें प्राप्त नहीं हुई है. यदि शिकायत सही पाई जाती है तो औचक निरीक्षण कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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