अमरपुर का सार्वजनिक शौचालय बना शोभा की वस्तु, मरम्मत पर खर्च हुए लाखों, लेकिन सुविधा अब भी बंद

अमरपुर ऑटो बस स्टैण्ड पर वर्षों से बंद जर्जर सार्वजनिक शौचालय.
Public Toilet Issue: अमरपुर बस स्टैंड पर लाखों रुपये की लागत से बना सार्वजनिक शौचालय वर्षों से बंद पड़ा है. मरम्मत के बाद भी यात्रियों को सुविधा नहीं मिल रही है.
अमरपुर (बांका) से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट
Public Toilet Issue: अमरपुर शहर के बस स्टैंड पुल के समीप ऑटो स्टैंड के पास निर्मित सार्वजनिक शौचालय आज सरकारी उदासीनता और प्रशासनिक समन्वय की कमी की कहानी बयां कर रहा है. लाखों रुपये की लागत से बना यह शौचालय वर्षों से बंद पड़ा है और अब इसकी पहचान एक जर्जर एवं उपेक्षित भवन के रूप में हो चुकी है. सबसे बड़ी बात यह है कि मरम्मत कार्य पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद आम लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल रही है.
Public Toilet Issue: लाखों खर्च के बाद भी नहीं खुला शौचालय
स्थानीय लोगों के अनुसार आठ कमरों से सुसज्जित इस सार्वजनिक शौचालय का निर्माण यात्रियों और आम नागरिकों की सुविधा के लिए किया गया था. लेकिन निर्माण के बाद से ही यह कभी नियमित रूप से संचालित नहीं हो सका.
समय बीतने के साथ शौचालय भवन की स्थिति खराब होती गई और अब यह पूरी तरह उपेक्षा का शिकार हो चुका है.
मरम्मत हुई, लेकिन सुविधा नहीं मिली
स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले वर्तमान पंचायत नेतृत्व के दौरान लगभग चार लाख रुपये खर्च कर जर्जर हो चुके भवन की मरम्मत कराई गई थी.
मरम्मत के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही शौचालय आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद आज तक इसे चालू नहीं किया जा सका.
हजारों यात्रियों को हर दिन होती है परेशानी
अमरपुर ऑटो बस स्टैंड पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, छात्र-छात्राएं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्री पहुंचते हैं. इसके बावजूद यहां शौचालय की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है.
सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है. कई बार लोगों को मजबूरी में खुले स्थानों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं.
पंचायतों के बीच फंसी सुविधा
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर प्रशासन कई बार इस शौचालय को अपने अधीन लेकर संचालन शुरू करने का प्रयास कर चुका है, लेकिन शौचालय का स्थान ग्राम पंचायत कोलबुजुर्ग क्षेत्र में होने के कारण मामला अधिकार क्षेत्र के विवाद में उलझ जाता है.
नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के बीच स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण वर्षों से यह सार्वजनिक सुविधा अधर में लटकी हुई है.
स्वच्छता अभियान पर उठ रहे सवाल
जब सरकार स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त समाज बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तब अमरपुर जैसे महत्वपूर्ण बस स्टैंड पर सार्वजनिक शौचालय का बंद रहना कई सवाल खड़े करता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग समय रहते समन्वय स्थापित करते, तो यह शौचालय वर्षों पहले चालू हो चुका होता.
लोगों ने जिला प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग
सामाजिक कार्यकर्ताओं, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से प्रशासनिक विवाद समाप्त कर शौचालय को जल्द चालू कराने की मांग की है.
लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल निर्माण से नहीं, बल्कि उनके समय पर संचालन और आम लोगों तक लाभ पहुंचाने से तय होती है. अन्यथा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई ऐसी सुविधाएं केवल जर्जर इमारत बनकर रह जाती हैं.
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