परमाणु विद्युत संयंत्र: बांका में चौथी बार भी नहीं हो सकी मिट्टी जांच, ग्रामीणों के विरोध के बीच लौटी टीम

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परमाणु विद्युत संयंत्र: बांका में चौथी बार भी नहीं हो सकी मिट्टी जांच, ग्रामीणों के विरोध के बीच लौटी टीम

ग्रामीणों को समझने का प्रयास कर रहे हैं एसडीओ व एनटीपीसी के जीएम.

Nuclear Plant Protest: बेलहर के कटहरा गांव में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र की मिट्टी जांच का चौथा प्रयास भी विफल रहा. विस्थापन की आशंका को लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया.

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बेलहर बांका से अभय कुमार ‘सोनू’ की रिपोर्ट

Nuclear Plant Protest: बेलहर प्रखंड के रघुनाथपुर पंचायत अंतर्गत कटहरा गांव में प्रस्तावित परमाणु विद्युत संयंत्र के लिए मिट्टी जांच को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. जिला प्रशासन और एनटीपीसी की टीम के समझाने के प्रयास के बावजूद ग्रामीण अपने विरोध पर अड़े रहे, जिसके कारण मिट्टी जांच का चौथा प्रयास भी विफल हो गया.

Nuclear Plant Protest: चौथी कोशिश भी रही नाकाम

निरीक्षण करने जाते प्रशासनिक अधिकारी.

जिला प्रशासन, एनटीपीसी की टीम और कई थानों की पुलिस के साथ अधिकारियों का दल कटहरा गांव पहुंचा था, जहां प्रस्तावित परियोजना के लिए मिट्टी जांच की प्रक्रिया शुरू की जानी थी. हालांकि ग्रामीणों के विरोध के कारण टीम को बिना जांच किए वापस लौटना पड़ा. इससे पहले भी कई बार मिट्टी जांच का प्रयास किया गया था, लेकिन हर बार ग्रामीणों के विरोध के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी.

जमीन और विस्थापन को लेकर ग्रामीणों की चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि परमाणु विद्युत संयंत्र स्थापित होने की स्थिति में उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़ने पड़ सकते हैं. उनका दावा है कि उनके परिवार कई पीढ़ियों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और खेती-बाड़ी तथा अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से जीवन यापन कर रहे हैं. इसी आशंका को लेकर क्षेत्र में लगातार धरना, प्रदर्शन और जुलूस निकाले जा रहे हैं.

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अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की

जानकारी के अनुसार एनटीपीसी बिहार जोन के महाप्रबंधक, जिला प्रशासन के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि पहले जिलेबिया मोड़ थाना परिसर में एकत्रित हुए और ग्रामीणों से संवाद स्थापित करने की रणनीति पर चर्चा की. इसके बाद अधिकारियों का दल कटहरा गांव पहुंचा और लोगों को परियोजना के प्रारंभिक सर्वे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी.

प्रशासन ने क्या कहा

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को बताया गया कि प्रारंभिक चरण में केवल वन विभाग और सरकारी भूमि पर ही मिट्टी जांच की जाएगी तथा निजी जमीन पर किसी प्रकार की जांच नहीं होगी. अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि गांव की निजी भूमि पर बिना प्रक्रिया के कोई कार्रवाई नहीं होगी.

विरोध के लिए बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीण

ग्रामीणों की भीड़.

गांव में प्रशासनिक वाहनों के पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए. ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए परियोजना के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समझाने के प्रयास के बावजूद लोग अपने रुख पर कायम रहे और मिट्टी जांच की अनुमति नहीं दी.

ग्रामीण प्रतिनिधियों ने रखा पक्ष

ग्रामीणों के प्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश जमीन पुराने बंदोबस्त और ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर ग्रामीण परिवारों के पास है. उनका कहना है कि इलाके में सरकारी जमीन बहुत कम है और अधिकांश परिवार खेती तथा उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर हैं.

Exit Under Protest: विरोध के बीच वापस लौटी टीम

ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए प्रशासनिक टीम ने धीरे-धीरे गांव से निकलने का प्रयास किया. कुछ समय तक ग्रामीणों ने प्रशासनिक वाहनों को घेर कर विरोध जताया, लेकिन बाद में अधिकारी वहां से वापस लौट गए.

Preventive Action: कुछ ग्रामीणों को नोटिस जारी

प्रशासन की ओर से बताया गया कि पूर्व में विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में करीब एक दर्जन ग्रामीणों के खिलाफ निषेधात्मक कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया गया था.

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अमित कुमार सिन्हा

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By अमित कुमार सिन्हा

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