अतिक्रमण से रुका पानी का बहाव, सरैया गांव में जलजमाव से ग्रामीण बेहाल

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फोटो कैप्शन: सड़क पर जल जमाव | Prabhat Khabar Network

सड़क पर जल जमाव | Prabhat Khabar Network

बांका के सरैया गांव में जल निकासी के रास्ते पर अतिक्रमण से ग्रामीण बेहाल हैं. जलजमाव के कारण बच्चों और लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है. प्रशासन से कार्रवाई की मांग.

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बौंसी (बांका ). प्रखंड क्षेत्र के सरैया गांव में जल निकासी के रास्ते पर अतिक्रमण किए जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. इस मामले को लेकर गांव के 50 से अधिक ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी अलका आर्या को आवेदन सौंपते हुए अविलंब कार्रवाई की मांग की है. आवेदन की प्रतिलिपि बीडीओ तथा बंधुआ कुरावा थानाध्यक्ष शैलेश कुमार को भी दी गई है. ग्रामीणों ने आवेदन देकर लगाया है आरोप ग्रामीणों ने पदाधिकारियों को दिए आवेदन में कहा, गांव की मुख्य सड़क का पानी जिस दिशा में वर्षों से बहता था, उस रास्ते पर आसपास रहने वाले कुछ लोगों ने मिट्टी और बोल्डर डालकर पानी के बहाव को रोक दिया है. इससे पानी का प्राकृतिक निकासी बाधित हो गया है और सड़क पर भारी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण के बाद पानी पूर्व दिशा की ओर बहता था, लेकिन अतिक्रमण के कारण उसका रास्ता बदलने की कोशिश की गई है. बच्चों को हो रही सबसे अधिक परेशानी जलजमाव का सबसे अधिक असर बच्चों और आम ग्रामीणों पर पड़ रहा है.जलभराव वाली जगह से महज 10 कदम की दूरी पर आंगनबाड़ी केंद्र और करीब 200 मीटर पर विद्यालय स्थित है. इसी मार्ग से बच्चे हाई स्कूल जाते हैं, जबकि सरैया हाट और ग्रामीणों का मुख्य आवागमन भी इसी रास्ते से होता है.साथ ही यह मार्ग सरैया मिडिल स्कूल से शिव मंदिर हरिजन टोला होते हुए पूर्णाडीह,कर्माटांड़ गांव होते हुये डेम रोड बौंसी मुख्य मार्ग को जोड़ती है.जिसकी दूरी लगभग 2 किलोमीटर है.ऐसे में लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

जलजमाव वाले स्थान पर गोबर राखने से फैल रही दुर्गंध, संक्रमण का खतरा

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जलजमाव वाले स्थान पर गोबर भी रखा जा रहा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. आवेदन पर श्याम देव यादव, हरि प्रसाद यादव, अभिमन्यु कुमार, कैलाश कुमार, रमेश कुमार, शिवम सिंह, शुभम दुबे, रंजीत दास, हीरालाल दास, संजय ठाकुर, दीपक कुमार, पूनम देवी, करीम अंसारी, शहबाज अंसारी, कमल मंडल समेत 50 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं. वार्ड सदस्य मुकेश पासवान ने भी आवेदन पर हस्ताक्षर कर प्रशासन से शीघ्र उचित कार्रवाई की मांग की है.

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संजीव कुमार

लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार पाठक प्रिंट माध्यम में 18 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बौंसी (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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