विधानसभा में संथाली भाषा को राज्य मान्यता देने की उठी मांग
Published by : SHUBHASH BAIDYA Updated At : 16 Feb 2026 6:26 PM
बिहार विधानसभा के चालू सत्र के दौरान कटोरिया से विधायक पुरण लाल टुडू ने पूरे बिहार के आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकार से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय को सदन में उठाया.
बौंसी. बिहार विधानसभा के चालू सत्र के दौरान कटोरिया से विधायक पुरण लाल टुडू ने पूरे बिहार के आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकार से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय को सदन में उठाया. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब संथाली भाषा को भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में पहले ही शामिल किया जा चुका है, तो अब तक इसे बिहार राज्य के राजपत्र में अधिसूचित कर राज्य स्तर पर पूर्ण मान्यता क्यों नहीं दी गयी है. विधायक टुडू ने कहा कि संथाली भाषा आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अस्तित्व का आधार है. यदि इसे राज्य स्तर पर आधिकारिक मान्यता मिलती है, तो आदिवासी समाज के बच्चों को अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. इससे वे बेहतर ढंग से पढ़-लिख सकेंगे, प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ेंगे और समाज व राज्य का नाम रोशन करेंगे. उन्होंने सरकार से मांग किया कि संथाली भाषा को जल्द से जल्द बिहार राजपत्र में अधिसूचित कर सरकारी कार्यों तथा शिक्षा व्यवस्था में लागू किया जाए, ताकि आदिवासी समाज को उसका अधिकार, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य मिल सके. विधायक ने स्पष्ट कहा कि वे अपने क्षेत्र की जनता और आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और शिक्षा के लिए सदैव आवाज उठाते रहेंगे.
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