स्ताचलगामी सूर्य को व्रती व आमलोगों ने अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि का किया कामना.

Updated at : 03 Apr 2025 8:47 PM (IST)
विज्ञापन
स्ताचलगामी सूर्य को व्रती व आमलोगों ने अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि का किया कामना.

चैती छठ कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ कहा जाता है.

विज्ञापन

-उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य देने के साथ चैती छठ का समापन आज. बांका. जिलेभर के विभिन्न नदी व तलाब तट पर लोक आस्था का महापर्व चैती छठ श्रद्धा के साथ मनाया गया. गुरुवार को अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्ध्य अर्पित किया गया. छठ व्रती श्रद्धालुओं ने घाटों पर पहुंच कर अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया. इसके साथ सुख-समृद्धि की कामना किया. मालूम हो कि लोक आस्था का महापर्व छठ साल में दो बार मनाया जाता है. चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले छठ पर्व को चैती छठ कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ कहा जाता है. पारिवारिक सुख-समृद्धि मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए यह पर्व मनाया जाता है. स्त्री पुरुष समान रूप से इस पर्व को मनाते हैं. छठ व्रत के संबंध में अनेक कथाएं प्रचलित है. उनमें से एक कथा के अनुसार जब पांडव अपना सारा राजपाट जुए में हार गये, तब श्री कृष्ण द्वारा बताये जाने पर द्रौपदी ने छठ व्रत रखा. तब उनकी मनोकामनाएं पूरी हुई और पांडवों को राजपाट वापस मिला. वहीं आज यानि शुक्रवार की सुबह उदीयमान भगवान को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व का समापन होगा. उधर शहर के चांदन व ओढ़नी नदी में चैती छठ के मौके पर व्रती ने अर्घ्य दिया. जिसे लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SHUBHASH BAIDYA

लेखक के बारे में

By SHUBHASH BAIDYA

SHUBHASH BAIDYA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन