बेलहर में किसान की बेटी सिम्पी बनीं BDO, गांव पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों व फूलों से हुआ भव्य स्वागत

Edited by AMIT KR SINHA
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सिल्पी के साथ खुशी मनाते परिजन व ग्रामीण.

BPSC Success Story: बेलहर की बेटी सिम्पी कुमारी ने BPSC की 70वीं परीक्षा में सफलता हासिल कर पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया. गांव लौटते ही ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, पटाखों और शोभायात्रा के साथ उनका ऐतिहासिक स्वागत किया.

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बेलहर बांका से अभय कुमार ‘सोनू’ की रिपोर्ट

BPSC Success Story: बेलहर प्रखंड मुख्यालय की रहने वाली सिम्पी कुमारी का BPSC70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 1426वां रैंक प्राप्त कर ग्राम विकास पदाधिकारी (VDO) के पद पर चयन हुआ है. सोमवार को पटना से अपने गांव लौटने पर ग्रामीणों और परिजनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.

मंदिर परिसर में हुआ सम्मान समारोह

सिम्पी के गांव पहुंचने पर यशोदा दुर्गा मंदिर हटिया बाड़ी में उनका फूल-माला और अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया. इस दौरान ग्रामीणों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई और उन्हें शुभकामनाएं दीं. मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई.

ढोल-नगाड़ों और पटाखों के साथ निकली शोभायात्रा

सम्मान समारोह के बाद सिम्पी के स्वागत में गांव में शोभायात्रा निकाली गई. ढोल-नगाड़ों की गूंज और पटाखों की आतिशबाजी के बीच लोगों ने खुशी का इजहार किया. शोभायात्रा यशोदा दुर्गा मंदिर से शुरू होकर काली मंदिर पहुंची, जहां पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद जुलूस उनके घर तक पहुंचा.

किसान परिवार की बेटी ने लिखी सफलता की नयी कहानी

सिम्पी कुमारी के पिता विश्वनाथ साह एक साधारण किसान हैं, जबकि उनकी माता सुधा देवी गृहिणी हैं. उनके भाई सूरज कुमार भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद सिम्पी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है.

बेलहर से शुरू हुई शिक्षा, पटना में पूरी हुई तैयारी

सिम्पी की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर मैट्रिक और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई बेलहर में ही हुई. इसके बाद उन्होंने हिंदी ऑनर्स से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की. लगातार मेहनत और संघर्ष के बाद उन्होंने BPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की.

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

स्वागत समारोह में उपस्थित ग्रामीणों और गणमान्य लोगों ने कहा कि सफलता पाने के लिए संसाधनों से अधिक जरूरी मेहनत और दृढ़ संकल्प होता है.सिम्पी ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश और सीमित सुविधाएं भी किसी के सपनों को रोक नहीं सकतीं. उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी.

बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण

इस अवसर पर प्रमुख प्रतिनिधि सियाराम यादव, मुखिया प्रतिनिधि रामजी भगत, प्रोफेसर मनोज सिंह, शिक्षक बाली रजक, विष्णुदेव मंडल, डॉ. विनय कुमार, प्रहलाद उपाध्याय, सुधीर यादव, डॉ. विकास कुमार, पवन यादव, बहादुर साह, चुन्नू तिवारी, अभिमन्यु कुमार सहित सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चे मौजूद रहे. सभी ने सिम्पी की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

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