प्रखंड कार्यालय में सेंधमारी: तोड़ाई के आड़ में सरकारी संपत्ति बेचने का आरोप, कटघरे में संवेदक की भूमिका

Block Office : सरकारी भवन तोड़ाई के दौरान सरकारी लोहा और चदरा कबाड़ में बेचने की कोशिश का आरोप सामने आया है. साथ ही बिना ग्रीन नेट लगाए भवन ध्वस्तीकरण किए जाने से सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला भी चर्चा में है.
बौसी (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट
Block Office : बांका जिले के बौसी प्रखंड मुख्यालय परिसर में नए प्रखंड कार्यालय भवन के निर्माण के लिए पुराने भवन को तोड़ने का कार्य जारी है. इसी दौरान सरकारी लोहा और चदरे के बोर्ड को कबाड़ में बेचने के आरोप ने पूरे मामले को विवादों में ला दिया है. शिकायत मिलने के बाद प्रखंड प्रशासन और भवन निर्माण विभाग ने मामले की जांच की बात कही है.
सरकारी कबाड़ बेचने का आरोप
जानकारी के अनुसार दो दिन पहले सूचना मिलने पर जब मामले की पड़ताल की गई तो बाराहाट से कबाड़ खरीदने पहुंचे ऑटो चालक और उसके सहयोगी ने बताया कि भवन तोड़ाई में लगे कर्मी सुरेंद्र सिंह ने उन्हें सरकारी लोहा और चदरे का बोर्ड खरीदने के लिए बुलाया था. बताया जा रहा है कि सुरेंद्र सिंह भवन ध्वस्तीकरण कार्य कर रहे संवेदक गौरव झा के अधीन काम करता है. मामले की जानकारी मिलते ही प्रखंड कर्मियों और स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी हर्ष पराशर के साथ-साथ मीडिया से भी की.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन ध्वस्तीकरण के दौरान पूरे परिसर को ग्रीन नेट या हरे रंग के कपड़े से ढंकना जरूरी होता है, ताकि धूल और मलबा आसपास नहीं फैले. इसके बावजूद कार्यस्थल पर ग्रीन नेट नहीं लगाया गया. इससे उड़ रही धूल के कारण आम लोगों, अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
करीब 1.40 लाख रुपये में मिला है ध्वस्तीकरण का ठेका
प्रखंड मुख्यालय में पुराने भवन को हटाकर अत्याधुनिक प्रखंड कार्यालय भवन का निर्माण कराया जाना है. इसके लिए भवन निर्माण विभाग ने पुराने भवन को ध्वस्त करने का ठेका करीब 1.40 लाख रुपये में दिया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान विभागीय नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है.
भवन निर्माण विभाग ने जांच का दिया भरोसा
Block Office : भवन निर्माण विभाग के एसडीओ पवन कुमार ने बताया कि भवन ध्वस्तीकरण के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना संवेदक की जिम्मेदारी है. यदि सरकारी कबाड़ या अन्य सरकारी सामान बेचने का प्रयास किया गया है तो यह गंभीर मामला है. इसकी जांच कराई जाएगी. जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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