राष्ट्रीय समागम में अमरपुर के ‘अरुणिमा’ को मिला प्रथम स्थान, रंगीन आम ने बढ़ाया बांका का मान

‘अरुणिमा’ के साथ किसान प्रियव्रत.
Amarpur Farmer Success Story: बांका के किसान प्रियव्रत शर्मा ने राष्ट्रीय आम समागम में हासिल किया प्रथम स्थान. रंगीन ‘अरुणिमा’ आम की खेती से जीता सम्मान.
अमरपुर, बांका से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट
Amarpur Farmer Success Story: बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में आयोजित राष्ट्रीय आम समागम सह कार्यशाला में बांका जिले के एक किसान ने अपनी उपलब्धि से जिले का नाम रोशन किया है. अमरपुर प्रखंड के भीखनपुर गांव के प्रगतिशील किसान प्रियव्रत शर्मा को रंगीन आम की उत्कृष्ट उपज के लिए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ.
सांसद अजय मंडल ने किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान अजय मंडल ने किसान प्रियव्रत शर्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इस उपलब्धि पर कार्यक्रम में मौजूद कृषि वैज्ञानिकों और किसानों ने भी उन्हें बधाई दी.
‘अरुणिमा’ नाम की है खास आम की किस्म
प्रियव्रत शर्मा ने बताया कि जिस आम की खेती के लिए उन्हें यह सम्मान मिला है, उसका नाम अरुणिमा है. यह आम की एक विशेष और आकर्षक किस्म है, जो फिलहाल इस क्षेत्र में काफी कम मात्रा में पाई जाती है. उन्होंने काफी प्रयासों के बाद इस किस्म के पौधों को अपने बगीचे में लगाया था.
Amarpur Farmer Success Story: देर से पकने वाली किस्म से किसानों को होता है फायदा
उन्होंने बताया कि अरुणिमा आम एक लेट वैरायटी है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहती है. जब सामान्य किस्म के आम बाजार से कम होने लगते हैं, तब यह किस्म तैयार होती है और किसानों को अच्छी आमदनी दिलाती है.
खुशबू और रंग बनाते हैं इसे खास
प्रियव्रत शर्मा के अनुसार इस आम में एक विशेष प्रकार की खुशबू होती है, जो इसे अन्य किस्मों से अलग बनाती है. पकने के बाद इसका रंग हल्का सुनहरा यानी गोल्डन हो जाता है, जिससे इसका आकर्षण और बढ़ जाता है.
किसानों की आर्थिक उन्नति का बन सकता है माध्यम
किसान प्रियव्रत शर्मा का मानना है कि अरुणिमा आम की खेती किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है. इसकी बेहतर गुणवत्ता और बाजार में मांग किसानों को अतिरिक्त लाभ दिला सकती है.
उपलब्धि पर मिल रही बधाइयां
उनकी इस सफलता पर स्थानीय किसानों और क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई है. सर्वोत्तम कुमार, रामबालक शर्मा और मृत्युंजय शर्मा समेत कई लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जिले के किसानों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया.
नवाचार और वैज्ञानिक खेती का उदाहरण
प्रियव्रत शर्मा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि किसान नई तकनीक और उन्नत किस्मों को अपनाएं तो वे बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं. उनकी उपलब्धि जिले के अन्य किसानों को भी नई फसलों और बागवानी की ओर प्रेरित कर रही है.
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