उपयोगिता प्रमाण पत्र के बिना राशि का नहीं हो पा रहा वितरण

Published at :18 Mar 2017 9:16 AM (IST)
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उपयोगिता प्रमाण पत्र के बिना राशि का नहीं हो पा रहा वितरण

परेशानी. गरीबों की राशि बढ़ा रही विभाग की शोभा परिवारिक लाभ योजना के लाभुकों को वर्ष 2016-17 की राशि नहीं मिली है. विभिन्न प्रखंडों ने उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं जमा किया है. इससे ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है. और विभाग में दोनों योजना की करीब 70 लाख 80 हजार की राशि शोभा बनी हुई […]

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परेशानी. गरीबों की राशि बढ़ा रही विभाग की शोभा
परिवारिक लाभ योजना के लाभुकों को वर्ष 2016-17 की राशि नहीं मिली है. विभिन्न प्रखंडों ने उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं जमा किया है. इससे ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है. और विभाग में दोनों योजना की करीब 70 लाख 80 हजार की राशि शोभा बनी हुई है.
मदन कुमार
बांका : केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा जिले में गरीबों के उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रहीं है. जिसके अंतर्गत समाजिक सुरक्षा व नि:शक्तता निदेशालय ने जरूरतमंद निर्धन वर्गो के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कई लाभकारी योजनाओं को लागू कर रखी है.
लेकिन जिले में इस तरह की कई योजना वित्तीय प्रबंधन एवं अनुश्रवण की कुव्यवस्था का शिकार बना हुआ है. इन योजनाओं में राष्ट्रीय परिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना एवं कबीर अंत्येष्टी योजना सहित कई अन्य योजना की राशि उपयोगिता प्रमाण पत्र के आभाव में विभाग में रखी पड़ी हुई है. उपयोगिता प्रमाण पत्र नही मिलने के कारण चाहकर भी समाजिक सुरक्षा कोषांग के द्वारा इस आवंटित राशि को विमुक्त नहीं कर पा रही हैं.
क्या है मामला
जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के द्वारा राष्ट्रीय परिवारिक लाभ योजना (वर्ष 2015-16) में सामान्य घटक मद में 60 लाख एवं एससी जाति के विशेष घटक मद में 10 लाख रुपया विरमित कर दिया गया है. कोषांग ने यह राशि आरटीजीएस के माध्यम अनुमंडल कार्यालय को विरमित की है. अनुमंडल कार्यालय ने प्रखंड कार्यालय से स्वीकृत लाभुकों को उक्त आवंटित राशि को चेक के द्वारा लाभुकों को भुगतान के लिए प्रखंड कार्यालय को भेज दी है. बावजूद विभिन्न प्रखंडों द्वारा खर्च की गयी इस राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र अब तक विभाग में जमा नहीं कराया है. जिसके कारण विभाग के द्वारा इस योजना मद में 2016-17 की जिले को आवंटित करीब 68 लाख 40 हजार की राशि विभाग में अब तक यूं ही पड़ी हुई है.
ठीक इसी तरह का हालात मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना का भी बना हुआ है. वित्तीय वर्ष 2015-16 में 2 लाख की राशि जिला समाजिक कोषांग ने प्रक्रिया के तहत विरमित कर दी है. लेकिन इस योजना का भी उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया है. जिसके कारण समाजिक कोषांग विभाग में वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिला को आवंटित करीब 2 लाख 40 हजार की राशि रखा पड़ा हुआ है. जबकि मार्च 2017 का समाप्ति की ओर है. बावजूद विभागीय अनुश्रवण की कमी के कारण गरीब परिवारों को मिलने वाली यह राशि विभाग की शोभा बढ़ा रही है.
कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में एसडीओ अविनाश कुमार ने बताया है कि उक्त योजना की सभी राशि संबंधित प्रखंडों के लाभुकों को हस्तगत करा दी गयी है. साथ ही नये लाभुकों को लाभ देने के लिए लाभुकों की एक सूची संबंधित विभाग को भेज दी गयी है.
उधर सामाजिक सुरक्षा कोषांग निदेशक कुमार सत्यकाम ने बताया है कि उक्त योजना का उपयोगिता प्रमाणपत्र के लिए सभी प्रखंडों के बीडीओ को कई बार कहा गया है. लेकिन अभी तक प्रखंड बीडीओ के द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण आगे यह राशि विरमित नहीं की जा सकी है. हांलाकि समय रहते सभी राशि विमुक्त कर दी जायेगी.
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