सहमे किसान. बादल और बारिश से रबी को भारी क्षति का अनुमान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Mar 2016 6:23 AM (IST)
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आंधी व अोलावृष्टि की आशंका पिछले दिनों अच्छी ठंड नहीं पड़ने से रबी फसलें भी आशानुरूप नहीं हो पायी हैं. किसानों को अब मौसम ने परेशान कर दिया है. दो दिन पहले हुई बारिश से दलहनी फसलों को नुकसान हुआ है. अब आंधी व अोले की आशंका ने किसानों को सहमा िदया है. बांका : […]
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आंधी व अोलावृष्टि की आशंका
पिछले दिनों अच्छी ठंड नहीं पड़ने से रबी फसलें भी आशानुरूप नहीं हो पायी हैं. किसानों को अब मौसम ने परेशान कर दिया है. दो दिन पहले हुई बारिश से दलहनी फसलों को नुकसान हुआ है. अब आंधी व अोले की आशंका ने किसानों को सहमा िदया है.
बांका : जिले की खेती किसानी पर मौसम की मार जारी है. कभी सूखे और अवर्षण तो कभी अतिवृष्टि का शिकार इस जिले के किसान चालू रबी मौसम में आंधी तूफान और ओलावृष्टि की आशंका से सहमे हुए है.
दो दिन पूर्व उनकी ये आशंकाएं मूर्त्त रूप लेते-लेते रह गयी. दरअसल दो दिन पूर्व तीन दिनों तक इस क्षेत्र में मेघ और बर्षा के साथ हल्की – फुल्की आंधी का भी माहौल रहा.गेहूं की फसल कई क्षेत्रों में पक रही है. कई जगह इसकी बालियों में दाना भर रहा है. गेहूं इस जिले में धान के बाद सबसे महत्वपूर्ण और लाभकारी फसल है.
इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है. रबी के मौसम में आंधी और ओलावृष्टि अप्रत्याशित नहीं होती. इस वर्ष रबी की फसलों में बेहतर उपज की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है. जिले में इस वर्ष गेहूं के अलावा चना, अरहर, मसूर, तीसी, जौ आदि की भी बड़े पैमाने पर बुआई की गयी है. आम की फसल के भी इस बार काफी लाभकारी रहने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है. किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग भी इन उम्मीदों को लेकर काफी उत्साहित है.
लेकिन इसी बीच मौसम के बदलते रूख ने उम्मीदों के साथ-साथ उनमें आशंकाएं भी पैदा कर दी है. दो दिन पूर्व तीन दिनों तक आंधी, पानी की मार से किसान और उनकी फसल किसी तरह बच तो गये, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम के रंग को लेकर किसान और कृषि विभाग बहुत आश्वस्त नहीं है. तीसी और मसूर आदि फूल वाली फसलों को बादल और बारिश नुकसान पहुंचा सकती है. इस मौसम में बादल और बारिश फसलों में वायरल बीमारियों का बायस बन सकता है.
पिछले दिनों मौसम की बेरूखी का असर आम की फसलों पर साफ दिखने लगा है. ओलावृष्टि की भी संभावना मौसम वैज्ञानिक करते रहे हैं. ओलावृष्टि की स्थिति में आम के साथ – साथ रबी की फसलों को भारी क्षति पहुंचा सकती है. इसके अलावा खेतों लगी सब्जियों की सफल भी नष्ट हो सकती है. ऐसे में किसान तबाह हो जायेंगी. मौसम में किसी भी बदलाव की स्थिति में जिले के किसानों के चेहरे पर सन्नाटा छा रहा है. इसकी खास वजह यह भी है
कि कृषि एवं फसल बीमा इस जिले के किसानों के लिए अंजान या फिर बहुत दूर की चीज है. किसी भी आपदा से फसलों को होने वाली क्षति की भरपाई किसानों को खुद करनी पड़ती है. आपदा प्रबंधन के नाम पर मुआवजे और भरपाई की सरकारी घोषणाएं बस कागजों तक सिमट कर रह जाती हैं.
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