बदलते मौसम में बदलें रहन-सहन व जीवनशैली

Published at :10 Dec 2015 8:53 PM (IST)
विज्ञापन
बदलते मौसम में बदलें रहन-सहन व जीवनशैली

बदलते मौसम में बदलें रहन-सहन व जीवनशैली फोटो 10 बीएएन 60 नवजात की करें विशेष देखभालप्रतिनिधि, कटोरियावैसे तो इस बार ठंड देर से शुरू हुई है, लेकिन अब ठंड ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करनी शुरू कर दी है़ इन परिस्थितियों में आमजनों को सावधानी एवं सुरक्षात्मक तरीके से मौसम के प्रहार से बचना चाहिए़ […]

विज्ञापन

बदलते मौसम में बदलें रहन-सहन व जीवनशैली फोटो 10 बीएएन 60 नवजात की करें विशेष देखभालप्रतिनिधि, कटोरियावैसे तो इस बार ठंड देर से शुरू हुई है, लेकिन अब ठंड ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करनी शुरू कर दी है़ इन परिस्थितियों में आमजनों को सावधानी एवं सुरक्षात्मक तरीके से मौसम के प्रहार से बचना चाहिए़ इसके लिए रहन-सहन एवं जीवनशैली में कुछ बदलाव की भी जरूरत होती है़-नवजात की करें उचित व्यवस्थायूं तो ठंड से सभी उम्र के लोग प्रभावित होते हैं. लेकिन यह वृद्ध एवं नवजात शिशु साहित बच्चों को जल्द और ज्यादा प्रभावित करता है़ सर्द मौसम में बच्चों को ठंड लगने की बहुत संभावना बढ़ जाती है़ ऐसी स्थिति में लोगों को चाहिए कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा कपड़ों में ढंक कर रखें. सुबह-शाम पूरे कपड़े पहनावें. टोपी व मौजे का इस्तेमाल जरूर करें. इन दिनों बच्चों में सांस की बीमारियां, वारयल डिजीज तथा कभी-कभी दस्त जैसी बीमारी भी होने की संभावना रहती है़ खुद बचाव के साथ-साथ नजदीकी चिकित्सा संस्थान से भी संपर्क रखें. बुजुर्ग करें विशेष परहेजवृद्ध जनों एवं आमजनों को ठंड से बचने के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए़ सर्द के मौसम में जीवनशैली संबंधी बीमारियों के अचानक बढ़ने की संभावना अधिक हो जाती है़ लकवा, हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, मस्तिष्क का आघात जैसी बीमारी अपनी तीव्रता बढ़ा देता है़ इसलिए आमलोगों को अत्यधिक ठंड में टहलने से बचना चाहिए़ टहने का क्रम जारी रखने के लिये चाहिये कि जब वातावरण कुछ गर्म हो जाये या सूरज निकल जाये, उस वक्त अपने नियमित व्यायाम एवं टहलने की क्रिया को करें. -खानपान में बरतें एहतियातठंड मौसम में खानपान में भी एहतियात बरतने की जरूरत रहती है़ ठंड में शरीर से पसीने का निकलना कम हो जाता है़ इसलिए भोजन में नमक की मात्रा कम रखनी चाहिए़ तेल-मसालायुक्त भोजन ग्रहण करने से बचना चाहिए़ अक्सर हमारे सामाजिक समारोह, शादी-ब्याह जैसे उत्सव व फंशन इस मौसम में शुरू हो जाते हैं जिससे लोगों का भोजन नियंत्रित नहीं रहता़ ऐसे स्थिति में जो लोग जीवनशैली संबंधी बीमारी से ग्रसित हैं. उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए़ -घरेलू नुस्खे भी अपनायेंठंड लगने पर प्राथमिक उपचार के रूप में घरेलू नुस्खों को भी अपनाया जा सकता है़ सरसों का तेल गर्म करके पूरे शरीर पर मालिश करनी चाहिए़ प्रभावित व्यक्ति के आसपास अंगीठी या हीटर जला कर कमरे का तापमान बढ़ाना चाहिए़ शरीर को कंबल-रजाई से ढंकना चाहिए़ ठंड से प्रभावित छोटे बच्चे हों तो उसे बदन से सटाकर गोद में रखना चाहिए़ -चिकित्सक की सलाहइस संबंध में रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ योगेंद्र प्रसाद मंडल कहते हैं कि घरों में जब भी अंगीठी या हीटर का प्रयोग करें, तो कमरे में हवा आने-जाने के लिए खिड़कियां खुली रहनी चाहिए़ अक्सर अधिक तापमान या अंगीठी के जलने से कमरे में ऑक्सीजन घट जाता है और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है़ जिससे अंदर सोये हुए व्यक्ति बेहोश हो सकते हैं तथा खतरनाक स्थिति तक जानलेवा भी हो सकती है़

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन