मुगलकाल से ही अमरपुर में हो रही है दुर्गा पूजा

Published at :19 Oct 2015 8:47 PM (IST)
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मुगलकाल से ही अमरपुर में हो रही है दुर्गा पूजा

अवध बिहारी, अमरपुर मान्यता है कि अमरपुर में मुगलकाल से ही दुर्गा पूजा प्रारंभ हो गयी थी. लेकिन उन दिन पूजा इतने धूमधाम से नहीं होती थी. लोग मिट्टी की मूर्ति बना कर पूजा अर्चना करते थे. लगभग 1845 ई. में जब खड़गपुर के महराजा खेतोड़ी ने अपना शासन चलाना प्रारंभ किया, तब से अमरपुर […]

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अवध बिहारी, अमरपुर मान्यता है कि अमरपुर में मुगलकाल से ही दुर्गा पूजा प्रारंभ हो गयी थी. लेकिन उन दिन पूजा इतने धूमधाम से नहीं होती थी. लोग मिट्टी की मूर्ति बना कर पूजा अर्चना करते थे. लगभग 1845 ई. में जब खड़गपुर के महराजा खेतोड़ी ने अपना शासन चलाना प्रारंभ किया, तब से

अमरपुर : प्रखंड के भरको, रानीकित्ता, वैरमा, अमरपुर, काशपुर में मेढ़पति द्वारा दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना करने की प्रथा प्रारंभ हुई. इसी क्रम में भरको में दुर्गा पूजा का प्रारंभ गांव के रामजी मारवाड़ी के पूर्वजों द्वारा 1845 ई. में स्थापित कर पूरे गांव के लोगों के सहयोग से किया गया.

उसी समय से यहां पर दुर्गा पूजा की अराधना प्रारंभ हुई. भरको के दुर्गा मंदिर की एक और खासियत है कि यहां पर मेढ़ पर मेढ़ चढ़ाया जाता है. जिसमें कि दुर्गा प्रतिमा पर शंकर जी, नीचे लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती, कार्तिक की प्रतिमा होती है. साथ यहां पर अष्टमी की रात निशा बलि देने की प्रथा शुरू से ही है. आरंभ काल से ही यहां पर राम जी मारवाड़ी के पूर्वजों द्वारा गांव के ग्रामीणों की मदद से पूजा प्रारंभ की थी. इसमें 9 दिनों तक चंडी पाठ का भी आयोजन किया जाता है.

साथ ही तांत्रिक विधि से पूजन किया जाता है. मेले में होता है नाटक का मंचन भी मेला समिति के अध्यक्ष सह पंचायत के मुखिया नवल किशोर चौधरी कहते है कि यहां की पूजा काफी पुरानी है. इसकी सफलता में सबका सहयोग रहता है. तांत्रिक विधि से पंडित ओम प्रकाश झा, भूषी नाथ झा, सेवायत शास्त्री पूजा करते हैं. पंचायत समिति सदस्य ज्ञानदेव विंद का कहना है कि सभी समुदाय के लोगों का साथ मिलता है. अनिल यादव कहते है कि यहां पूजा-अर्चना व ध्यान से शक्ति व शांति मिलती है.

संजीव कुमार यादव कहते हैं कि हमलोगों के पूर्वजों तक को पता नहीं है कि यहां पर दुर्गा पूजा कब शुरू हुई. लेकिन चर्चा है कि 1847 ई से ही यहां पर दुर्गापूजा का आयोजन किया जा रहा है. नीरज कुमार चौधरी बताते है कि हमलोग विगत पंद्रह वर्षों से पुजा अर्चना कर रहे है. हमलोग मन से अराधन कर जो भी मन्नतें मांगते है वह पूरी होती है. यहां पर नवमी व दशमी को भव्य मेले का आयोजन किया जाता है. रात में नाटक का भी मंचन किया जाता है. इस बार पूजा कमेटी द्वारा पहले दिन तिरंगा खतरे में, दूसरे दिन हरिशचंद्र तारामती नाटक का मंचन कलाकारों के द्वारा किया जायेगा.

साथ ही दुर्गा पुजा समिति के सदस्य के लोगों ने मेले को सफल बनाने में लगे हुए है. पूरी होती है मन्नतसभी लोगों का मानना है कि आरंभकाल से ही यह परंपरा है कि यहां पर मां दुर्गा से जो भी मिन्नतें मांगी जाती है वह पूरी होती है. फिर लोग अपने शक्ति के अनुसार मां के इस मंदिर में चढ़ावा चढ़ाते है. मेला के अवसर पर यहां काफी संख्या में लोग चढ़ावा चढ़रने आते है. चप्पे – चप्पे पर तैनात रहेगी पुलिस अमरपुर. दुर्गा पूजा को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के पुख्ता व्यवस्था की गयी है. पुलिस की पैनी निगाह असामाजिक तत्वों पर रहेगी. इसके लिए प्रशासन के द्वारा पूरी व्यवस्था कर ली गयी है.

पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र के सभी पूजा पंडालों की सूची तैयार कर ली है. थाने के द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गयी है. सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी पूजा के दिन विशेष व्यवस्था रहेगी. दंडाधिकारी के साथ साथ सशस्त्र बल की तैनाती भी पूजा पंडालों के साथ शहर के जगहों जगहों पर विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए होगी. अमरपुर में अर्द्धसैनिक बल के जवानों को भी लगाया जायेगा. थाना क्षेत्र में उत्पन्न होनेवाली समस्या को ध्यान में रखते हुए दर्जनों लोगों के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के तहत कार्रवाई भी की गयी है.

इस दौरान शांति बनाये रखने के लिए थाना परिसर में शांति समिति की बैठक का भी आयोजन किया गया था. पूजा के मद्देनजर विभिन्न पूजा पंडालों के कार्यकर्त्ताओं को भी विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए वालिंटियर की व्यवस्था की गयी है. प्रशासन के द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जाम लगने वाले हर संभव स्थानों पर पुलिस की व्यवस्था की गयी है. दुर्गा पूजा के दौरान विधि व्यवस्था को दुरुस्त रखने का कार्य कर लिया गया है.

शरारती तत्वों पर पुलिस की विशेष निगाह रहेगी. साथ ही पूजा पंडाल के कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है. साथ ही जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि हर हाल में 23 अक्तूबर की शाम में प्रतिमाओं का विसर्जन करने की बात कही है. दस जगहों पर नियुक्त हुए दंडाधिकारी दुर्गा पुजा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए दस जगहों पर दंडाधिकारी मौजूद की गयी है. थाना रिजर्व व गश्ती दल में बीडीओ राकेश कुमार,

थानाध्यक्ष राजेश कुमार मंडल, अमरपुर बाजार में श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी अशोक कुमार भगत, स. अ.नि. दिनेश कुमार , पवई में पशुपालन पदाधिकारी डा. कृष्ण कांत सिंह, अ. नि. चंदन दूबे, वैरमा में पंचायत सचिव मुनिलाल सिंह, अ. नि. रामचंद्र प्रसाद शर्मा,काशपुर में पंचायत सचिव भृगुनंदन पंडित, अ. नि. शंभु प्रसाद, सलेमपुर में पंचायत सचिव सीताराम मरांडी, अ. नि. विवेकानंद सिंह, इंगलिशमोड़ में जनसेवक वासुदेव राम, अ. नि. शिवानंद यादव, भरको में पंचायत सचिव नंद कुमार पंडित, स. अ. नि. राम होसिल यादव, डुमरामा में राजस्व कर्मचारी संजय कुमार मिश्र के साथ पुलिस केंद्र बांका के बल, रानीकित्ता में पंचायत सचिव मो. नजाम के साथ पुलिस केंद्र बांका के बल मौजूद रहेंगे.

सभी जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता व्यवस्था की गयी है. त्योहार को देखते हुए विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए जिला प्रशासन ने अमरपुर में एक कंपनी सीआरपीएफ बल की प्रतिनियुक्ति की है. पूजा के दौरान खलल उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए प्रशासन भी सक्रिय है. ट्रैफिक नियमों को होगा पालनपूजा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को बनाये रखने के लिए हर जगहों पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है. हर हाल में इसका सख्ती से पालन किया जायेगा. राजेश कुमार सिन्हा अंचलाधिकारी अमरपुर

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