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धान को नमी की जरूरत, मक्का में तनाछेदक कीट का खतरा

Updated at : 04 Sep 2019 8:15 AM (IST)
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धान को नमी की जरूरत, मक्का में तनाछेदक कीट का खतरा

बांका : केवीके ने मौसम पूर्वानुमान में किसानों के लिए अलर्ट जारी किया है. सूखा का मार झेल रहे जिले के किसानों के लिए अब फसल को बचाने की कोशिश में जुटना होगा. केवीके मुताबिक जहां धान फसल को नमी की आवश्यकता है. वहीं मक्का फसल को रोग से बचाने के लिए अलर्ट रहना होगा. […]

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बांका : केवीके ने मौसम पूर्वानुमान में किसानों के लिए अलर्ट जारी किया है. सूखा का मार झेल रहे जिले के किसानों के लिए अब फसल को बचाने की कोशिश में जुटना होगा. केवीके मुताबिक जहां धान फसल को नमी की आवश्यकता है. वहीं मक्का फसल को रोग से बचाने के लिए अलर्ट रहना होगा.

जानकारी के मुताबिक धान में अपेक्षित नमी मौजूदा समय में नहीं रही तो, उत्पादन में व्यापक नुकसान हो सकता है. साथ ही जिस धान फसल की आयु 30-35 दिन की हो गयी है, उसका निकोनी के साथ यूरिया खाद का छिड़काव करना जरूरी है. मक्का फसल, जो वानस्पतिक विकास के अवस्था में है, उसमें तना छेदक कीट का प्रकोप देखा जा रहा है.
इसके नियंत्रण के लिए दो मिली प्रोफेनोफस या क्लोरपाइरीफांस को एक लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना जरूरी है. छिड़काव का कार्य साफ मौसम देखकर करने में ही बेहतर रहेगा. वहीं सब्जी एवं फल फसल को अधिक खतरा है. केवीके के मुताबिक बादल छाने एवं आद्रर्ता बढ़ने की वजह से फल व सब्जी फसलों में रोग व कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है.
इसीलिए किसान अपने फसलों की सही निगरानी करें. यदि कीड़ा लगना शुरू हो गया तो मौसम के साफ स्थिति को देखकर एक मिली इमिडक्लोप्रिड तीन लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर सकते हैं. दरअसल, धान रोपनी का उपर्युक्त समय समाप्त हो चुका है. अब केवल अाच्छादित फसलों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी निभानी होगी.
अबकी सप्ताह हल्की बारिश की संभावना
केवीके मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक खरीफ धान किसानों के लिए राहत भरी खबर है. जिन खेतों में धान को नमी की आवश्यकता है, उसे हल्की बारिश से मिल सकती है. हालांकि, बीते दो दिन से छिट-पुट बारिश हुई है. साथ ही कई घंटे तक तापमान में भी गिरावट देखी गयी. वहीं केवीके के मुताबिक चार सितंबर को नौ, पांच सितंबर को एक, छह सितंबर को आठ, सात सितंबर को छह व आठ सितंबर को चार एमएम बारिश होगी. इस बारिश से थोड़ी राहत की उम्मीद है.
खरीफ मौसम में धान, मक्का, सब्जी एवं फल फसलों को लेकर केवीके स्तर से सुझाव दिया गया है. किसान सुझाव को अपनायें. धान फसल पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है.
मुनेश्वर प्रसाद, समन्वयक, कृषि विज्ञान केंद्र, बांका
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