मिले थे 60 करोड़, नियम विरुद्ध 50 फीसदी राशि की गयी खर्च

Published at :17 Dec 2017 4:40 AM (IST)
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मिले थे 60 करोड़, नियम विरुद्ध 50 फीसदी राशि की गयी खर्च

होगी जांच . कई पंचायतों के मुखिया ने खाते से निकाली राशि बांका : सात निश्चय योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में मुखिया के खाते में करीब 60 करोड़ की राशि भेजी गयी थी. यह राशि वार्ड क्रियान्वयन समिति को मुखिया के माध्यम से हस्तांतरण करना था, परंतु मुखिया ने नियम के विरुद्ध कदम […]

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होगी जांच . कई पंचायतों के मुखिया ने खाते से निकाली राशि

बांका : सात निश्चय योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में मुखिया के खाते में करीब 60 करोड़ की राशि भेजी गयी थी. यह राशि वार्ड क्रियान्वयन समिति को मुखिया के माध्यम से हस्तांतरण करना था, परंतु मुखिया ने नियम के विरुद्ध कदम उठाते हुए स्वयं राशि की निकासी कर पंचायत के विभिन्न योजनाओं में खर्च कर दिया. नतीजतन, मुखिया के इस कारनामे से पंचायत स्तर पर वार्ड सदस्य व मुखिया के बीच गहमागहमी बढ़ गयी है. सूत्र की मानें तो प्रशासन ने मुखिया के इस कारनामे की जांच शुरू कर दी है. जानकारी मिल रही है कि करीब 50 फीसदी राशि नियम की अनदेखी कर खर्च कर दी गयी है.
वार्ड क्रियान्वयन समिति को सात निश्चय योजना के तहत खर्च करने की दी गयी थी अनुमति : जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजना को स्थानीय स्तर पर मजबूती देने के लिए वार्ड क्रियान्वयन समिति को सात निश्चय योजना के तहत नली-गली व हर घर नल का जल योजना में खर्च करने की अनुमति दी थी.
मुखिया को राशि निर्गत करते हुए पंचायती राज विभाग ने इसके नियम भी लागू कर दिये थे. जिसके तहत सात निश्चय योजना की राशि वार्ड क्रियान्वयन समिति के खाते में भेजनी थी. हालांकि इस निर्णय के विरोध में मुखिया संघ की ओर से न्यायालय में अपील किया गया. इस मामले में न्यायालय का फैसला अभी आना बाकी ही था, कि इस बीच मुखिया ने करोड़ों की राशि निकासी कर ली. नियमत: राशि निकासी की यह कारनामा अवैध है. लिहाजा जांच के बाद कार्रवाई तय मानी जा रही है. दरअसल, मुखिया को अब भी सरकार का यह फैसला रास नहीं आ रहा है. परंतु कोर्ट के निर्णय की वजह से खाते में बची-खुची राशि वार्ड क्रियान्वयन समिति को भेजी जा रही है. इसमें भी आना-कानी चरम पर है.
पंचायत में योजना से संबंधित खाते की होगी जांच : पंचायती राज के अवर सचिव ने जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से सात निश्चय योजना राशि निकासी की जांच का निर्देश दिया है. पंचायती राज विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना अंतर्गत ग्रामीण गली-नाली पक्कीकरण व ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना अंतर्गत पंचायत के मुखिया व ग्राम सचिव द्वारा निकाली गयी राशि अवैध है. लिहाजा सभी पंचायतों के खातों की जांच की जाये. साथ ही मार्गदर्शिका उल्लंघन के तहत चिह्नित मुखिया व पंचायत सचिव पर त्वरित कार्रवाई की भी बात कही गयी है. निर्देश मिलते ही पंचायत के खाते की जांच शुरू हो गयी है.
राज्य से वित्तीय वर्ष 2016-17 में करीब 60 करोड़ राशि मुखिया के खाते में किया गया था आवंटित
शिकायत है कि करीब 50 फीसदी राशि नियम के विरुद्ध कर दी गयी खर्च
होगी कार्रवाई
सात निश्चय योजना के तहत वार्ड क्रियान्वयन समिति को राशि हस्तांतरण करना था. अगर मुखिया ने नियम को ताक पर रख राशि निकासी की है, तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी. इस संबंध में जिलाधिकारी का निर्देश प्राप्त हुआ. निर्देश के आलोक में बीडीओ को पंचायत के खाते की जांच का निर्देश दिया गया है.
सुरेंद्र राय, जिला पंचायती राज पदाधिकारी
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