औरंगाबाद में प्रधानाध्यापिका के खिलाफ ग्रामीणों का हंगामा, विद्यालय कार्यालय में जड़ा ताला

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गौरी-सोनबरसा विद्यालय के कार्यालय में ताला जड़ने के बाद नारेबाजी करते आक्रोशित ग्रामीण

Aurangabad News : ओबरा के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में मनमानी के आरोपों के चलते ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका के खिलाफ प्रदर्शन कर स्कूल में ताला जड़ दिया.

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Aurangabad News : प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, गौरी-सोनबरसा में सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब विद्यालय खुलते ही सोनबरसा गांव के दर्जनों युवाओं और ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका अलका कुमारी के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए विद्यालय कार्यालय में ताला जड़ दिया. इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव चंदन सिंह ने किया.

विद्यालय संचालन में मनमानी का लगाया आरोप

आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका पर विद्यालय संचालन में मनमानी करने का आरोप लगाया. ग्रामीणों का कहना था कि प्रधानाध्यापिका अलका कुमारी अपनी मर्जी से विद्यालय का संचालन कर रही हैं. ग्रामीणों के अनुसार, ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्र द्वारा चंदन कुमार सिंह को विद्यालय प्रबंध समिति का सचिव मनोनीत किया गया था, लेकिन विद्यालय के विकास से संबंधित किसी भी कार्य में उनसे राय नहीं ली जाती है.

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि 15 अगस्त के अवसर पर भी विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव को विद्यालय में आमंत्रित नहीं किया गया.

राशि उपलब्ध होने के बावजूद विकास कार्य नहीं होने का आरोप

ग्रामीण चंदन सिंह, मोनू सिंह, निर्मल सिंह, पिंटू कुमार, मन्नू कुमार, चौटाला सिंह, जगन कुमार, बादल कुमार, श्री कुमार और सनी कुमार सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में पर्याप्त राशि उपलब्ध होने के बावजूद विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार वरीय पदाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है. उनका कहना है कि विद्यालय में लाइट, सीसीटीवी कैमरा और चारदीवारी की व्यवस्था जरूरी है, ताकि असामाजिक तत्व किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे सकें. इसके अलावा कंप्यूटर की पढ़ाई नहीं होने से छात्र-छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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बातचीत करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने का दावा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब इस संबंध में प्रधानाध्यापिका से बात की जाती है तो वे कहती हैं कि विद्यालय उनकी मर्जी से चलेगा और जहां शिकायत करनी है, वहां की जा सकती है. ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से प्रधानाध्यापिका का स्थानांतरण दूसरे विद्यालय में करने और विद्यालय में आवश्यक विकास कार्य शुरू कराने की मांग की है.

बीईओ ने समझा-बुझाकर खुलवाया ताला

हंगामे और तालाबंदी की सूचना मिलने पर प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जूही कुमारी को मामले की जानकारी दी गई. सूचना पर पहुंचीं जूही कुमारी ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया और विद्यालय कार्यालय का ताला खुलवाया. इसके बाद विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से शुरू कराया गया. उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि विद्यालय को प्राप्त आवंटन की जांच कराई जाएगी और आवश्यक विकास कार्य कराया जाएगा. साथ ही जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या दोष पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

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ग्रामीणों की मांग को बताया जायज

प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जूही कुमारी ने बताया कि ग्रामीणों को समझा-बुझाकर ताला खुलवा दिया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग जायज है और विद्यालय की समस्याओं की जांच की जाएगी. प्रधानाध्यापिका को उक्त विद्यालय से हटाकर दूसरे विद्यालय में पदस्थापित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा. साथ ही विद्यालय में जरूरी विकास कार्य कराए जाएंगे.

प्रधानाध्यापिका ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

इधर, प्रधानाध्यापिका अलका कुमारी ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

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ब्रजेश द्विवेदी

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By ब्रजेश द्विवेदी

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