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29 से शुरू होगा दो दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण, शहद उत्पादन कर बेहतर कमाई का मौका

Updated at : 25 Dec 2025 7:24 PM (IST)
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29 से शुरू होगा दो दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण, शहद उत्पादन कर बेहतर कमाई का मौका

AURANGABAD NEWS.एकीकृत बागवानी मिशन के तत्वावधान में 29 दिसंबर सोमवार से संयुक्त कृषि भवन औरंगाबाद में मधुमक्खी पालन का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू होगा. इसकी जानकारी जिला उद्यान पदाधिकारी डॉ श्रीकांत ने दी है.

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औरंगाबाद/ कुटुंबाएकीकृत बागवानी मिशन के तत्वावधान में 29 दिसंबर सोमवार से संयुक्त कृषि भवन औरंगाबाद में मधुमक्खी पालन का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू होगा. इसकी जानकारी जिला उद्यान पदाधिकारी डॉ श्रीकांत ने दी है. बताया कि इच्छुक व्यक्ति या कोई भी बेरोजगार युवक जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क स्थापित कर प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं. प्रशिक्षण में भाग लेने वाले लोगों को संबधित प्रखंड के बीएचओ से संपर्क स्थापित कर अपना नाम इंट्री कराना होगा. डीएचओ ने बताया कि उद्यान विभाग किसानों की उन्नति के लिए शहद उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहा है. उन्होंने बताया कि किसानों को खेती-बाड़ी व बागवानी से लेकर शहद उत्पादन से दोगुनी कमाई करने के लिए कई तरह की योजनाएं चलायी जा रही है. दो दिवसीय प्रशिक्षण में 100 प्रशिक्षणार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है. खासकर महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्राथमिकता दी जानी है. कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों को प्रशिक्षण के दौरान रजिस्टर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी. ट्रेनिंग संपन्न होने के बाद 30 दिसंबर को उन्हें प्रशिक्षित होने का प्रमाणपत्र दिया जायेगा.

शहद उत्पादन के लिए जमीन की जरूरत नहीं

बीएचओ रजनीश कुमार व आशुतोष कुमार ने बताया कि मधुमक्खी पालन करने के लिए किसी उत्पादक को जमीन व जायदाद की जरूरत नहीं होती है. बेरोजगारी के दौर में युवाओं को प्रशिक्षण लेना अत्यंत आवश्यक हो गया है. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित लोगों को मधुमक्खी पालन करने के लिए 75 प्रतिशत अनुदान पर बॉक्स दिया जाना है. इसी तरह से सर्टिफिकेट के आधार पर मशरूम उत्पादन करने के लिए सरकार के उद्यान विभाग द्वारा किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है. वर्तमान में मशरूम की खेती अब बिल्कुल सहज हो गयी है. सरकार मशरूम की खेती के लिए नित्य नये-नये प्रयोग कर रही है. झोपड़ी में मशरूम उपजाने वाले उत्पादकों के लिए भी अनुदान का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि मशरूम सुपाच्य खाद्य पदार्थ के पौष्टिक आहार के रूप में विटामिन से भरपूर है. विदित हो कि जिले के किसान उद्यान विभाग से जुड़कर शहद व मशरूम उत्पादन से लेकर तरह-तरह के फल-फूल, साग-सब्जी व स्ट्रॉबेरी के साथ औषधीय फसलों की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUDHIR KUMAR SINGH

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