हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा कर मांगा आशीर्वाद

भानू सप्तमी पर देव सूर्यनगरी में आस्था का उमड़ा सैलाब
भानू सप्तमी पर देव सूर्यनगरी में आस्था का उमड़ा सैलाब प्रतिनिधि, देव. त्रेतायुगीय सूर्य मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को पड़ने वाले रविवार को भानू सप्तमी कहा जाता है. इसी वजह से हजारों श्रद्धालुओं ने सूर्य भगवान का दर्शन-पूजन किया. सूर्य मंदिर न्यास समिति के अनुसार श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर गर्भगृह के अंदर पूजा-अर्चना की. वैसे अहले सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. भगवान सूर्य के जयघोष से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा. भीड़ को नियंत्रण करने के लिए पुलिस की तैनाती की गयी थी. पुरुष व महिला सिपाही सुरक्षा में तैनात रहे. न्यास समिति के सचिव विश्वजीत राय, कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह, सदस्य लक्ष्मण गुप्ता, योगेंद्र सिंह ने बताया कि देव सूर्य मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की कतार लगी रही. सूर्य मंदिर के प्रति लोगों में श्रद्धा व विश्वास की भावना बढ़ती जा रही है. मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं को किसी भी तरह का कष्ट न हो, इसके लिए हमेशा तत्पर रहती है. औरंगाबाद के अलावे गया जी, रोहतास, अरवल, जहानाबाद व झारखंड के पलामू सहित अन्य कई जिलों से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे. बता दें कि मंदिर में भगवान सूर्य तीन स्वरूपों में विराजमान हैं. ऐसी मान्यता है कि तीन स्वरूपी भगवान सूर्य के दर्शन मात्र से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. पुजारी मृत्युंजय पाठक व कमलाकांत पांडेय ने बताया कि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को पड़ने वाले रविवार को सूर्य देवता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. सूर्य देव को सभी ग्रहों का अधिपति माना जाता है. प्रत्येक रविवार को भगवान सूर्य और भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि फाल्गुन माह के रविवार को सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने से स्वास्थ्य बेहतर होता है. धन और समृद्धि में वृद्धि होती है. इस दौरान सुरक्षा में देव थाना की पुलिस जवान तैनात रही. वन-वे रास्ता होने से मिली राहत प्रशासन की ओर से वन-वे रूट लागू करने के बाद श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी राहत मिली. भक्तों व स्थानीय लोगों ने प्रशासन के निर्णय का स्वागत किया है. देव थाना मोड़ से गुजरने वाले वैसे चारपहिया वाहन, जिसकी पूजा नहीं करानी थी, उसे रानी तालाब के पास लगाया गया. वाहनों की पूजा कराने वाले श्रद्धालु रसीद कटा आगे हॉस्पिटल मोड़ से कन्हैया मोड़ पोखरा-कंवल तनुज मोड़ होते पार्किंग स्थल किला मैदान के पास तक गये और उसी जगह पर वाहनों की पूजा करायी. वहीं, हॉस्पिटल मोड़ से सूर्य मंदिर से आने वाले वाहन के लिए वन-वे रखा गया. बिना रसीद वाले वाहनों को कंवल तनुज मोड़ पर ही रोक दिया गया. चांदनी चौक मोड़ मस्जिद की ओर से सूर्य मंदिर की ओर जाने वाले वाहनों को चांदनी चौक से पोखर की ओर मोड़ दिया गया. बिना रसीद वाले वाहन पोखर के पास पार्क किये गये. सूर्य मंदिर के समीप बैरिकेडिंग लगाकर पूजा वाली बाइकों के लिए व्यवस्था बनायी गयी थी.
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