ePaper

जिंदगी की जंग हार गया छात्र रूद्रप्रताप, बेंगलुरू में ली अंतिम सांस

Updated at : 06 Aug 2025 7:00 PM (IST)
विज्ञापन
जिंदगी की जंग हार गया छात्र रूद्रप्रताप, बेंगलुरू में ली अंतिम सांस

विधवा मां का जीने का छीन गया सहारा, गैस सिलिंडर फटने के बाद हुआ था जख्मी

विज्ञापन

विधवा मां का जीने का छीन गया सहारा, गैस सिलिंडर फटने के बाद हुआ था जख्मी मदनपुर. औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड के सलैया गांव निवासी 19 वर्षीय रुद्रप्रताप सिंह आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया. मंगलवार की सुबह बेंगलुरु में उसकी मौत हो गयी. वैसे रूद्रप्रताप इंजीनियरिंग का छात्र था. जानकारी के अनुसार अपने आवास पर वह चाय बना रहा था, तभी गैस सिलिंडर ब्लास्ट कर गया. आग से झुलसकर बुरी तरह जख्मी हो गया. चार दिनों तक हॉस्पिटल में जीवन और मौत के बीच झूलता रहा. पांचवे दिन जिंदगी की जंग हार गया. वह इकलौता संतान था. बचपन में ही उसने पिता को खो दिया था. मात्र 40 साल की उम्र में पिता भानुप्रताप सिंह का निधन हो गया था. मां अनामिका सिंह ने इकलौते बेटे के सहारे जीना सीखा. दादा सुदर्शन सिंह और चाचा राजीव रंजन सिंह सहित परिवार के हर सदस्य ने संघर्ष में उनका साथ दिया. मां ने बोकारो में रह कर बेटे की पढ़ाई करायी. रुद्रप्रताप का पार्थिव शरीर विशेष विमान से चाचा राजीव रंजन, पीयूष रंजन, निखिल रंजन और बुलबुल ने बुधवार को पटना लाया. देर शाम गांव में ही उसका अंतिम संस्कार किया गया. रुद्रप्रताप के चाचा दीपक सिंह जनता दल यू के प्रदेश महासचिव है. उन्होंने कहा कि रूद्रप्रताप बचपन से ही मेधावी था.रुद्रप्रताप के दादा शंकर दयाल सिंह पूर्व विधान पार्षद थे. चाचा पीयुष रंजन व्यापार मंडल के अध्यक्ष है. इधर, रूद्र की मौत के बाद जिले में शोक की लहर दौड़ गयी. समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों ने शोक जताया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SUJIT KUMAR

लेखक के बारे में

By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन